कमाल की है यहां की इंजीनियरिंग! नाले उफनते हैं तो घरों में कुएं बन जाते हैं

जबलपुर में नालों को कवर्ड करने का खोखला दावा, थोड़ी सी बारिश में भी शहर हो जाता है लबालब, 326.49 करोड़ अब तक ड्रेनेज पर हुए खर्च

 

 

By: shyam bihari

Published: 11 Aug 2020, 08:55 PM IST

यह है स्थिति
-05 बड़े नाले किए गए थे पक्के व कवर्ड
-128 छोटे नालों को किया गया पक्का
-326.49 करोड़ रुपये ड्रेनेज पर हुए खर्च
-225.86 किमी नालों की कुल लंबाई
-86.06 किमी आरसीसी पाइप ड्रेन
-73.80 किमी आरसीसी रेग्यूलेटर कवर ड्रेन
-64 किमी स्टोन मेशनरी ड्रेन

जबलपुर। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के नाम पर जबलपुर शहर में नाले पक्के किए गए। प्रमुख नालों को कई स्थानों पर कवर्ड भी किया गया। स्टार्ट वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत इस कार्य पर सवा तीन सौ करोड़ के लगभग राशि भी खर्च की गई। नगर निगम प्रशासन ने दावा किया था की नगर के ड्रेनेज सिस्टम में आवश्यक तकनीकी सुधार किया जा रहा है, इससे जलभराव से शहरवासियों को मुक्ति मिलेगी। लेकिन तस्वीर जरा भी नहीं बदली, हर साल जरा सी बारिश में शहर लबालब हो रहा है और जलभराव के हालात बन रहे हैं। शहर के ड्रेनेज सिस्टम में मुख्य भूमिका निभाने वाले ओमती व मोती नाला को संकरा कर दिया गया। ओमती, मोती, उर्दना, खंदारी व शाह नाला समेत सवा सौ से ज्यादा नालों को पक्का किया गया था। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के अंतर्गत स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम परियोजना के तहत नालों को पक्का किया गया। नालों को आरसीसी पाइप ड्रेन, आरसीसी रेग्यूलेटर कवर ड्रेन, स्टोन मेशनरी ड्रेन के रूप में पक्का किया गया। निर्माण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने शहर के मुख्य नालों को संकरे किए जाने पर सवाल उठाए थे, लेकिन निगम की ओर से इसे नजरंदाज किया गया। स्टार्ट वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत नालों को पक्का किए जाने के दौरान दावा किया गया था की जलभराव नहीं होगा। इसके पीछे जो कारण गिनाए गए थे, उनमें नालों की चौड़ाई अंतिम छोर पर चौड़ाई बढ़ाकर प्रवाह की गति बढ़ाने, ढके नालों व प्रोटेक्शन जाली से नालों में कचरा डालने पर रोक लगने की बात कही गई।

इन संकरे पुल-पुलिया का होना था चौड़ीकरण

मदार टेकरी के पास मोतीनाला, गोहलपुर के पास मोतीनाला, एमएलबी स्कूल के पास ओमती नाला, प्रेम मंदिर के पास नाला, भातखंडे संगीत विद्यालय के पास ओमती नाला, रानीताल-गढ़ा मार्ग में पुल-पुलियों का चौड़ीकरण किया जाना था।
निगम की ओर से कहा गया था की मुख्य नालों का बहाव मुख्य मार्गों को क्रास करते हुए है, लेकिन पुलिया की चौड़ाई कम थी। ऐसे सभी पुल पुलिया को चौड़ा करने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

 

shyam bihari Desk
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