एके-47 के बाद अब वाहन चैकिंग में सेना का कारतूस जब्त

एके-47 के बाद अब वाहन चैकिंग में सेना का कारतूस जब्त
वाहन चैकिंग के दौरान युवक से सेना में इस्तेमाल होने वाला कारतूस जब्त किया

Santosh Kumar Singh | Updated: 13 Apr 2019, 10:33:31 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से एके-47 रायफलों को चोरी कर देशद्रोहियों और बिहार के बदमाशों को बेचने का प्रकरण अब तक एनआइए नहीं पूरी तरह से सुलझा पायी है। अब मदन महल पुलिस ने लिंक रोड पर वाहन चैकिंग के दौरान युवक की जेब से सेना का कारतूस जब्त किया...

जबलपुर. सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से एके-47 रायफलों को चोरी कर देशद्रोहियों और बिहार के बदमाशों को बेचने का प्रकरण अब तक एनआइए नहीं पूरी तरह से सुलझा पायी है। अब एक प्रकरण सामने आने के बाद से हडक़म्प मच गया है। इस बार मामला कारतूस से जुड़ा है। मदन महल पुलिस ने लिंक रोड पर शुक्रवार को वाहन चैकिंग के दौरान एक युवक से सेना में इस्तेमाल होने वाला कारतूस जब्त किया। इस तरह के कारतूस आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होता है। इस कारण से पुलिस भी सकते में है। पुलिस ने उसके खिलाफ आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया।
पैंट की तलाशी में मिली 7.62 बोर का कारतूस
पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात पुलिस ने लिंक रोड पर वाहन चैकिंग के दौरान दोपहिया वाहन एमपी 20 एसपी 9034 को रोका। वाहन पर गोराबाजार डेयरी फार्म के पास रहने वाला अमित ठाकुर था। पुलिस ने अमित की तलाशी ली, तो उसके पैंट की जेब से 7.62 बोर का कारतूस मिला। पूछताछ में अमित ने बताया कि वाहन उसके मामा की है। उसका मामा मिलिट्री डेयरी में काम करता था। मामा की गाड़ी से ही उसे कारतूस मिला था। हालांकि पुलिस को उसके इस बयान पर विश्वास नहीं है। वह अमित के मामला से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।

सेना में इस्तेमाल होने वाले कारतूस की जब्ती से हडक़म्प
IMAGE CREDIT: patrika

सेना में इस्तेमाल होने वाले कारतूस की जब्ती से हडक़म्प
युवक के पास सेना में इस्तेमाल होने वाले कारतूस की जब्ती से हडक़म्प मच गया। इससे पहले सीओडी से जुलाई 2018 में एके-47 चोरी कर बदमाशों, आतंकी व नक्सलियों तक पहुंचाने की साजिश सामने आ चुकी है। वर्ष 2012 से पाट्र्स के रूप में सीओडी के ही स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर और रिटायर्ड हो चुके पुरुषोत्तम रजक 80 से अधिक एके-47 सहित एसएलआर व अन्य असलहे बिहार के मुंगेर में तस्करों को बेच चुके हैं। अब एक बार फिर इस तरह से कारतूस का मिलना एक नए एंगल को जन्म दे रहा है। पुलिस भी इसकी गम्भीरता से जांच करने में जुटी है।
सवाल एक कारतूस का नहीं -
पुलिस के हाथ भले ही एक कारतूस लगी हो, लेकिन ये बड़ा मामला है। आम लोगों के लिए उपलब्ध न होने के बावजूद इस तरह से कारतूस का मिलना कुछ और ही संकेत दे रहा है। इसे लेकर खूफिया एजेंसियां भी चौकस हो गईं हैं। इस प्रकरण पर मिलिट्री इंटेलीजेंस भी नजर रखे हुए हैं और वह भी अमित से पूछताछ करने की तैयारी में है।

 

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