सेना के हाथ में होगी यह खतरनाक तोप

26 को धनुष तोप की जबलपुर में सुपुर्दगी

 

By: gyani rajak

Updated: 24 Mar 2019, 09:56 PM IST

जबलपुर. जीसीएफ में बनी यह गन दुश्मन के छक्के छुड़ा देगी। करीब एक दशक से परीक्षण के दौर से गुजर रही 155 एमएम 45 कैलीबर धनुष तोप अब सेना को सौंपी जाएगी। स्वदेशी बोफोर्स कही जाने वाली धनुष तोप 38 से 40 किमी की दूरी पर बैठे दुश्मन पर निशाना साध सकती है। धनुष तोप की सुपुर्दगी 26 मार्च को होने जा रही है।

यह कार्यक्रम पहले नासिक के देवलाली में होना था। इसमें प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री व सेना के आला अधिकारियों शामिल होते लेकिन अब जहां इसे तैयार किया गया, वहीं सेना के हवाले किया जा रहा है। आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) के चेयरमेन सौरभ कुमार मंगलवार को जबलपुर आकर इस काम को पूरा करेंगे। इसकी तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।

सीओडी पहुंचेगी खेप

पहली खेप में सेना को करीब 6 धनुष तोप सौंपी जानी है। लेकिन जितनी तोप का इंस्पेक्शन नोट गुणवत्ता निदेशालय के माध्यम से दिया जाएगा, उतनी सेना के सुपुर्द की जाएंगी। इस पर अभी काम चल रहा है। जीसीएफ से गन तैयार होकर सेन्ट्रल ऑर्डनेंस डिपो (सीओडी) जाएगी। यहां सेना को धनुष तोप उपयोग के लिए दी जाएगी। इस कार्यक्रम के लिए दोनों संस्थानों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। बताया जाता है कि इसमें सेना के आला अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।

अगले वित्तीय वर्ष में 12 गन
जीसीएफ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में थल सेना को छह धनुष तोप तैयार कर देना था। इतनी तोप यहां तैयार हो चुकी हैं। इनमें से एक गन का इन्सपेक्शन नोट भी बीते दिनों जीसीएफ में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया था। अगले वित्तीय वर्ष 2019-20 में यहां पर 12 धनुष तोप तैयार करने का लक्ष्य मिला है। ज्ञात हो कि जीसीएफ को रक्षा मंत्रालय ने 114 तोप का बल्क प्रोडक्शन क्लीयरेंस दिया है।


धनुष तोप को सेना के हैंडओवर किया जाना है। यह कार्यक्रम 26 मार्च को सीओडी में रखा गया है। आयुध निर्माणी बोर्ड के चेयरमैन तोप सेना को सौंपेंगे।
प्रशांत प्रसन्ना, जनसंपर्क अधिकारी जीसीएफ

gyani rajak Reporting
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