श्री श्री रविशंकर MP में यहां करेंगे देवी पूजन, ऐसा है आर्ट ऑफ लिविंग का कार्यक्रम

deepankar roy

Publish: Feb, 15 2018 12:32:27 PM (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
श्री श्री रविशंकर MP में यहां करेंगे देवी पूजन, ऐसा है आर्ट ऑफ लिविंग का कार्यक्रम

शहर में 11 वर्ष बाद हो रहा है शक्ति संगम

जबलपुर। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर अगले माह शहर में देवी पूजन करेंगे। करीब 11 साल के बाद श्री श्री का शहर आगमन हो रहा है। इस दौरान वे दो दिन तक शहर में रहेंगे। विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। श्री श्री की उपस्थिति में गोल बाजार में विराट शक्ति संगम कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। उनके कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर तैयारियां की जा रही है। इन दो दिनों के दौरान शहर के अलावा प्रदेश और देश से भी बड़ी संख्या में श्री श्री की अनुयायियों के पहुंचने की संभावना है।

एक दिन पहले होगा आगमन
शक्ति संगम के आयोजकों के अनुसार श्रीश्री रविशंकर का आगमन देवी पूजन से एक दिन पहले होगा। वे 8 मार्च को शहर पहुंचेंगे। इसी दिन गोल बाजार मैदान में शाम 5.30 बजे से 8.30 बजे तक महासत्संग होगा।

भजन और सम्मान
गोल बाजार में 8 मार्च को होने वाले आयोजन के दौरान सुमधुर भजनों की प्रस्तुति होगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के गायक कलाकार भजन प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वरोजगार, नारी सशक्तिकरण, स्व-निकाय, समाजसेवा सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाली प्रतिभाओं और मातृ शक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

इस क्लब में पूजन कार्यक्रम
श्री श्री रविशंकर का देवी पूजन का कार्यक्रम कचनार क्लब में 9 मार्च को होगा। ये विशेष पूजा सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक होगी। इस पूजन के लिए बैंगलुरू स्थित ऑर्ट ऑफ लिविंग सेंटर से वेदाचार्य विशेष रुप से शहर आएंगे। आयोजकों के अनुसार श्री श्री प्रत्येक शुक्रवार को ललिता सहस्त्रनाम के साथ देवी पूजन करते है।

स्कूलों से जुड़ा नाता
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर देश के प्रमुख सम्मानों में से एक पद्म विभूषित से सम्मानित हो चुके है। इसके अलावा महाकोशल अंचल से उनका एक और खास नाता है। उनकी संस्था के सेवा प्रकल्प द्वारा देश में 435 आदिवासी स्कूल संचालित किए जा रहे है। इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ भोजन और पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। संस्था के मध्यप्रदेश में 9 स्कूल संचालित है। इनमें करीब 1945 बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे है।

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