आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पहचानेगा चेहरे, स्टेशन पर लगाया गया सिस्टम

रेल टेल द्वारा पमरे के चार स्टेशनों पर शुरू की गई व्यवस्था

By: virendra rajak

Published: 03 Jan 2020, 08:40 PM IST

जबलपुर, रेलवे बोर्ड के निर्देश पर रेल टेल ने पश्चिम मध्य रेलवे के चार स्टेशनों पर उन्नत इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) आधारित एडवांस वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) शुरू कर दी गई है। इसके जरिए स्टेशन पहुंचने वाले हर एक यात्री की आसानी से निगरानी की जा सकेगी। इतना ही नहीं यदि कोई संदिग्ध बार-बार प्लेटफॉर्म पर नजर आता है, तो उसकी पहचान भी आर्टिफिशीयल इंटीलीजेंस कर लेगा। रेलवे स्टेशनों पर यह सिस्टम निर्भया फंड के जरिए लगाया गया है। इससे स्टेशन और यात्रियों कीसुरक्षा और पुख्ता हो सकेगी। जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देश पर रेलटेल सभी रेलवे स्टेशनों, प्रीमियम और ईएमयू कोचों पर वीडियो एनालिटिक्स और फेसियल रिकग्निशन प्रणाली के साथ आईपी आधारित वीएसएस सिस्टम लगा रहा है।
इन स्टेशनों पर लगाया सिस्टम:- जबलपुर, मैहर, पिपरिया और रीवा
यहां पहले से है शुरु:- कटनी, दमोह, कटनी, सतना, सागर
आरपीएफ के पास रहेगी लाइव फीड
इन कैमरों की निगरानी का जिम्मा आरपीएफ के पास होगा। कैमरों की लाइव फीड आरपीएफ कंट्रोल रूम पहुंचेगी। जहां अधिकारी और कर्मचारी एलसीडी के माध्यम से पूरे स्टेशन की निगरानी कर सकेंगें।
इस तरह के सिस्टम और कैमरे
डोम - स्टेशन के भीतर के लिए
बुलेट - प्लेटफॉर्म के लिए
पैन टिल जूम- पार्र्किंग एरिया के लिए
एचडी कैमरा- महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी के लिए
डाटा होगा स्टोर
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के आधार पर सीसीटीवी के जरिए यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद एक-एक व्यक्ति का चेहरा स्केन होगा। इसका डाटा भी ऑटोमैटिक स्टोर हो जाएगा। ऐसे में यदि कोई घटना होती है, तो संदेही या आरोपी को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ेगा
यह पूरा सिस्टम क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ा रहेगा। जो भी चेहरे डाटाबेस में जाएंगें, वे ऑटोमैटिक क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए स्केन होंगें। ऐसे में यदि कोई अपराधी स्टेशन पहुंचता है, तो उसका पता भी चल सकेगा।

virendra rajak Reporting
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