मोखा के बुरे दिन, अस्पताल में संचालित एक और बड़ा फर्जीवाड़ा मिला

मोखा के बुरे दिन, अस्पताल में संचालित एक और बड़ा फर्जीवाड़ा मिला

 

By: Lalit kostha

Updated: 31 May 2021, 10:28 AM IST

जबलपुर। नकली रेमडेसिविर कांड के आरोपी सबरजीत सिंह मोखा के सिटी हॉस्पिटल में संचालित शिक्षण संस्थान में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। छात्र नेताओं की शिकायत पर कलेक्टर ने हॉस्पिटल से संबद्ध कॉलेजों की जांच कराई तो गड़बड़ी की परतें उधड़ गई। तीन दिन की पड़ताल के बाद जांच समिति ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। मामले पर अब प्रशासन की ओर से आगे कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के लिए गठित मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। एक ही बिल्ंिडग में एक ही लैब और एक लायब्रेरी मिली। लेकिन वहां दो कॉलेज चल रहे थे। एक ही इन्फ्रास्ट्रक्चर पर नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज चलाने की अनुमति झटक रखी थी।

एक बिल्डिंग मे चल रहे थे दो कॉलेज, लैब और लाइब्रेरी भी कॉमन
मोखा के सिटी अस्पताल में संचालित शिक्षण संस्थान में भी फर्जीवाड़ा, कलेक्टर के निर्देश पर गठित एमयू की समिति को जांच में मिली गड़बड़ी

दो क्लासरूम और तीन पाठ्यक्रम
सिटी हॉस्पिटल से इंदिरा गांधी नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज संबद्ध है। दोनों का संचालन हॉस्पिटल बिल्ंिडग में होता है। नर्सिंग के डिप्लोमा से लेकर पीजी पाठ्यक्रम तक की अनुमति कॉलेज को है। सूत्रों के अनुसार को जांच में पैरामेडिकल कॉलेज के लिए सिर्फ दो क्लासरूम मिले हैं। जबकि संस्थान को अनुमति तीन पाठ्यक्रमों की है। इसमें एक स्नातक और दो डिप्लोमा पाठ्यक्रम हैं।

 

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पकड़े जाने पर कोविड की आड़
जांच समिति ने कॉलेज के लिए निर्धारित जगह जाननी चाही तो वह अस्पताल में मिली। कॉलेज के लिए दर्शाए गए भवन के एक हिस्से का उपयोग भी अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए हो रहा था। गलती पकड़े जाने पर कॉलेज प्रबंधन ने चालाकी दिखाई। कोरोना महामारी में ऑनलाइन क्लास होने के कारण जगह को मरीजों के हित में उपचार के लिए उपयोग करने की जानकारी दी।

ऐसे फर्जीवाड़े करके ली मान्यता
नर्सिंग और पैरामेडिकल के लिए मान्यता देने के लिए मप्र नर्सिंग काउंसिल और पैरामेडिकल काउंसिल है। दोनों सस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपना-अपना कार्य करती हैं। दोनों कॉलेज के लिए अस्पताल में कॉमन सुविधाएं विकसित की गई। जब नर्सिंग काउंसिंल आयीं तो उस दिन पैरामेडिकल कक्षाएं बंद कर उसकी सुविधाएं नर्सिंग में दिखा दी गई। ऐसा ही पैरामेडिकल की मान्यता लेने के लिए किया गया। एक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दो कॉलेज खोल दिए।

कॉलेज को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। मेडिकल यूनिवर्सिटी से जांच कराई गई है। उसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर

जांच में ये मिला
कॉलेज की संचालन समिति में सरबजीत मोखा की पत्नी शामिल।
नर्सिंग में डिप्लोमा से पीजी व पैरामेडिकल में यूजी-डिप्लोमा कोर्स।
लायब्रेरी में पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की पुस्तकें कम मिलीं
छात्र-छात्राओं के लिए पृथक प्रशिक्षण लैब नहीं मिला।
एनोटॉमी से संबंधित और सुविधायुक्त प्रशिक्षण प्रयोगशाला नहीं है।
मान्यता शर्तों के अनुसार कॉलेज पर्याप्त जगह पर संचालित नहीं है।

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