पेचीदा है वकीलों के चुनाव की मतगणना, २५ बार गिना जाता है एक-एक बैलेट पेपर

एक माह होगी मतपेटियों की निगरानी, दो माह तक चलेगी काउंटिंग, बेहद क्लिष्ट है स्टेट बार काउंसिल चुनाव की मतगणना प्रक्रिया

 

 

 

 

 

राज्य के वकीलों की नियामक संस्था स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के लिए १७ जनवरी को हुए मतदान के बाद १७ फरवरी से मतगणना आरंभ होगी, जो दो माह तक चलेगी

 

 

 

 

जबलपुर.

राज्य के वकीलों की नियामक संस्था स्टेट बार काउंसिल के चुनाव के लिए १७ जनवरी को हुए मतदान के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मतपेटियों को मुख्यालय जबलपुर लाया जाना आरंभ हो गया। शनिवार की शाम तक २३ जिलों से मतपेटियां लाकर स्ट्रॉंग रूम में रख दी गईं। बाकी जिलों से पेटियां आने का सिलसिला जारी है। इनकी एक माह तक निगरानी की जाएगी। १७ फरवरी से मतगणना आरंभ होगी, जो दो माह तक चलेगी।

 

अल्फाबेटिकल आर्डर में खुलेंगी पेटियां

 

सचिव प्रशांत दुबे ने बताया कि रिपोलिंग आदि कराने के लिए नियमों के तहत मतदान के एक माह तक मतपेटियों को नहीं खोला जाता। १७ फरवरी से आरंभ होने वाली मतगणना में जिलों की मतपेटियां अल्फाबेटिकल आर्डर में खोली जाएंगी। प्रत्याशियों या उनके एजेंटों की उपस्थिति में इन्हें खोला जाता है। मतगणना के बाद गिने हुए मतपत्रों को वापस संबंधित पेटी में डालकर काउंसिल के गठन तक पेटी को सुरक्षित रखा जाता है।

 

मतगणना का होगा लाइव टेलिकास्ट

 

मतपेटियों को रखने के लिए काउंसिल के विश्राम कक्षों को स्ट्रॉंग रुम का रूप दिया गया है। इन कक्षों में पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सभी स्ट्रॉंग रूम के बाहर व अंदर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा काउंसिल के कर्मी भी निगरानी में तैनात किए गए हैं। मतगणना कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरों की निगहबानी होगी। मतगणना का सीधा प्रसारण काउंसिल मुख्यालय के सामने बड़े एलईडी स्क्रीन के जरिए किया जाएगा।

 

एक-एक मतपत्र होगा स्कैन

 

इस बार काउंसिल के चुनाव हाइटेक तरीके से हो रहे हैं। मतगणना के पहले एक- एक मतपत्र को स्कैन कर संरक्षित किया जाएगा। किसी भी विवाद की दशा में इस संरक्षित रिकार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

महाधिवक्ता ने किया सुरक्षा का निरीक्षण

 

शनिवार को स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष महाधिवक्ता शशांक शेखर ने स्ट्रॉंग रूम व काउंसिल परिसर का सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण किया। सचिव प्रशांत दुबे उनके साथ थे। व्यवस्थाओं से संतुष्टि जाहिर करते हुए महाधिवक्ता ने सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।

 

वैध वोटों की होगी गिनती

 

मतगणना की पद्धति के तहत केवल वैध वोटों को ही गिना जाएगा। जिस बैलेट पेपर में सभी २५ वरीयताओं वाले प्रत्याशियों में से एक भी प्रत्याशी सदस्य नहंी चुना जाएगा, उसका वोट अवैध माना जाएगा। एेसे वोटों को बाद में निरस्त कर दिया जाएगा।

 

एेसे होगा सदस्यों का चयन

 

प्रथम वरीयता के निर्धारित कट ऑफ से अधिक वोट पाने वाले प्रत्याशी स्ववमेव चयनित हो जाएंगे। जबकि कट ऑफ से कम प्रथम वरीयता के वोट पाने वाले अंतिम क्रमांक से एक-एक कर विलोपित होते जाएंगे। विलोपित होने वाले प्रत्याशियों के प्रथम वरीयता के वोट उसके पूर्व के क्रमांक वाले प्रत्याशी को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। प्रथम वरीयता का कट ऑफ वोट पाने के बाद उसके द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ के क्रम में सभी पच्चीस वरीयता के वोट निश्चित प्रतिशत के साथ गिने जाएंगे। कट ऑफ पूरा करने वाले प्रत्याशी २५ से अधिक होने की दशा में उनके द्वितीय फिर तृतीय इस प्रकार वरीयता के घटते क्रम में मिले वोटों से उनका चयन निर्धारित होगा।

 

 

अलग-अलग पेटियों की क्षमता

बड़ी पेटी १५०० वोट

मझोल पेटी १००० वोट

छोटी पेटी ५०० वोट

 

इन जिलों की पेटियां आईं

 

अनूपपुर, राजगढ़, बालाघाट, सिवनी, दमोह, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, भोपाल, होशंगाबाद, रायसेन, भिंड, ग्वालियर, मुरैना, सागर, छतरपुर, सतना, सीधी, रीवा, शहडोल, जबलपुर

 

इनका कहना है

 

२१ जनवरी को रिपोलिंग की तारीख का एेलान-जिला अदालत जबलपुर मतदान केंद्र में दोबारा मतदान कराने के लिए मंगलवार को फैसला लिया जाएगा। इसी दिन रिपोलिंग की तारीख का एेलान कर दिया जाएगा। मतगणना के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं।

महाधिवक्ता शशांक शेखर

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Rahul Mishra Reporting
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