किश्त चुकाने के बाद भी लगाया ब्याज, बैंक चुकाए दस हजार हर्जाना

किश्त चुकाने के बाद भी लगाया ब्याज, बैंक चुकाए दस हजार हर्जाना
Consumer Forum Order

Prashant Gadgil | Updated: 12 Oct 2019, 07:40:52 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

उपभोक्ता फोरम का आदेश

जबलपुर। जिला उपभोक्ता फोरम ने लोन की किश्तें चुकाने के बावजूद उपभोक्ता पर ब्याज व पेनाल्टी निकालने, उसे परेशान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की विजय नगर जबलपुर शाखा को सेवा में कमी का दोषी पाया। फोरम अध्यक्ष के के त्रिपाठी, सदस्यगण योगेश अग्रवाल व अर्चना शुक्ला की कोर्ट ने बैंक को कहा कि वह किश्त चुकाने के बाद की शेष राशि व ब्याज खुद वहन करे। मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के लिए परिवादी को 10 हजार हर्जाना भी चुकाए।
लक्ष्मी कॉलोनी हाथीताल, जबलपुर निवासी पुरुषोत्तम लाल साहू ने परिवाद में कहा कि उसने एसबीआई से लोन लिया था। निर्धारित किश्तों का समयानुसार भुगतान किया जाता रहा। लेकिन बीच में कुछ किश्तें जमा नहीं की जा सकीं। अधिवक्ता अरुण कुमार जैन व विक्रम जैन ने तर्क दिया कि बाद में एकमुश्त 10 हजार रुपए जमा कर दिए गए। इसके बावजूद बैंक उससे अनाप-शनाप राशि की मांग करता रहा। परिवादी को उसके लोन एकाउंट का स्टेटमेंट देने से भी इनकार कर दिया गया। इस वजह से आवेदक चाहकर भी किश्तों की शेष अदायगी नहीं कर पाया। इस पर बैंक ने बार-बार नोटिस भेजकर परेशान करना शुरू कर दिया। तर्क दिया गया कि 25 सितम्बर 2010 से पूर्व आवेदक बैंक को एक लाख 70 हजार का भुगतान लोन के एवज में कर चुका है। इसके बाद कोई बकाया नहीं बचा। इसके बावजूद बैंक उसे परेशान कर रही है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एसबीआई को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा १२ के तहत सेवा में कमी का दोषी ठहराया।

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