scriptBanned dangerous firecrackers are being sold secretly in the market | बाजार में चोरी-छिपे बेचे जा रहे हैं प्रतिबंधित खतरनाक पटाखे | Patrika News

बाजार में चोरी-छिपे बेचे जा रहे हैं प्रतिबंधित खतरनाक पटाखे

निगरानी नहीं होने से बाजार में मनमानी, प्रशासनिक आदेश दरकिनार

जबलपुर

Updated: November 02, 2021 09:14:15 pm

जबलपुर. शहीद स्मारक, महानद्दा, बिलहरी, मेडिकल, कठौंदा आदि क्षेत्रों में लगे पटाखा बाजार में प्रशासनिक आदेश को दरकिनार करते हुए चोरी-छिपे प्रतिबंधित एटमबम, पाइप बम बेचा जा रहा है। यह पटाखा कोड वर्ड के जरिए दुकानदार से मांग जा रहा है, जिससे मांग आते ही दुकानदार उसे दुकान के नीचे जमीन में रखे माल में से निकालकर दे देता है। नंबर वन और पाइप बम को कुछ ही देर दिखाया जाता है फिर सौदा होते ही ग्राहक भी उसे अपने थैले में रखकर चलता बनता है।
Banned dangerous firecrackers are being sold secretly in the market
शहीद स्मारक, महानद्दा, बिलहरी, मेडिकल, कठौंदा आदि क्षेत्रों के पटाखा बाजार में प्रशासनिक आदेश दरकिनार
प्रदूषण और सुरक्षा की दृष्टि से लोकल स्तर पर बनने वाले एटमबम और पाइप बमों पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन उसके बाद भी इसे मार्केट में चोरी-छिपे बेचा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि तकरीबन हर दुकान में यह प्रतिबंधित पटाखा मौजूद है। दुकानदार ग्राहकों को देखकर ही पटाखा होने की सहमति देता है अन्यथा पूछने पर पटाखे से मना कर देता है। पत्रिका रिपोर्टर ने जब ग्राहक बनकर इस पटाखे को खरीदने की पेशकश की तो पहले तो तीन दुकान वालों ने पटाखा नहीं होना बताकर इसे टाल दिया लेकिन अंतत: एक दुकानदार पटाखा देने तैयार हो गया बल्कि उसने दुकान के नीचे से पटाखे का पैकेट निकालकर भी दिखाया। दुकानदार से की गई बातचीत के अंश...
क्यों हमें एक नंबर चाहिए है, कहां मिलेगा भैया ये बता दो?
माल तो यहीं मिल जाएगा।
कितना चाहिए है?
दिखाओ तो माल कैसा है?
(यह सुनते ही दुकानदार के कर्मचारी ने एटमबम का पैकेट निकालकर दिखाया)
क्या रेट चला रहे हो?
कितना चाहिए है आपको।
हमें बेचने के लिए चाहिए है, सही दाम बताओ?
65 रुपए आखिरी आएगा।
लेकिन ये तो ज्यादा है?
पिछले साल तो 35 रुपए तक लिया था।
भैया, पिछले साल की बात अलग है, अब तो यही रेट चल रहा है।
यह बरेला का तो माल है?
यह बरेला का नहीं सिवनी टोला का माल है। हम इसे बनाते हैं। यहीं नहीं पाइप बम भी बना रहे हैं।
(कर्मचारी ने पाइपबम का पैकेट निकालकर दिखाया था)
प्रतिबंधित पटाखों पर सुको के निर्देश
सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा जारी आदेशों में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दीपावली के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। प्रदूषण से बचने के लिये ग्रीन पटाखों का प्रयोग होगा। पटाखों का ऑनलाइन सेल प्रतिबंधित है। सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ए. मिश्रा के मुताबिक ग्रीन पटाखों के लिये पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीइएसओ) और नीरी द्वारा स्वैच्छिक वर्गीकरण किया है। ग्रीन पटाखों का ‘लोगो’ पैकेट पर प्रिंट रहेगा। ग्रीन पटाखों में फुलझड़ी, अनार, मेरून शामिल हैं। पटाखों में बेरियम साल्ट आदि विषैले रसायनों का उपयोग, लड़ी (जुड़े हुए पटाखों) का निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण और प्रस्फोटन प्रतिबंधित है। पटाखों की तीव्रता प्रस्फोटन स्थल से 4 मीटर पर 125 डीबी (A) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
-बड़े पटाखों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इन पटाखों का विक्रय नहीं किया जा सकता है। यदि एेसे पटाखे बेचे जा रहे हैं तो औचक जांच होगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मणीन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर

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