बासमती धान बन सकती है शहर की पहचान

बढ़ रहा बासमती धान की बुवाई का रकबा, मांग बढऩे से किसानों में दिख रहा उत्साह

जबलपुर।  रसोई की खुशबू पड़ोस तक बिखेरने वाले बासमती चावल का उत्पादन मुनाफे के कारण अब किसानों को रास आ रहा है। यही वजह है कि बासमती धान की बोवनी का रकबा लगातार बढ़ रहा है।  
पहले किसान ज्यादा पैदावार की जुगत में हाइब्रिड धान की बुवाई करते थे। बासमती के दाम और मांग बढऩे के कारण किसानों ने अब बासमती धान की बोवनी का रकबा भी सुनिश्चित कर दिया है। डॉ. आनंद मोहन शर्मा, उप संचालक, के अनुसार तीन साल के दौरान जिले में बासमती धान के उत्पादन का रकबा बढ़ा है। बड़ी संख्या में किसान बासमती की बोवनी करने लगे हैं। उन्हें सलाह दी जा रही है । पेस्टीसाइड का उपयोग कम करें, ताकि धान का विदेश में निर्यात हो सके और उन्हें ज्यादा मुनाफा हो।
बढ़ा फसल का रकबा
वर्ष 2013 में 4811, 2014 में 5950, 2015 में 6500 हेक्टेयर रकबा




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