फर्जी दस्तावेज लगाकर बन गया शिक्षक

फर्जी दस्तावेज लगाकर बन गया शिक्षक

neeraj mishra | Updated: 09 Feb 2016, 11:03:00 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

एसटीएफ ने दर्ज कराई एफआईआर, बरगवां प्राथमिक शाला में पदस्थ है शिक्षक, पुलिस ने शुरू की तलाश


जबलपुर/सिहोरा। फर्जी तरीके से संविदा शिक्षक की नौकरी कर रहे एक शिक्षक के खिलाफ एसटीएफ ने एफआईआर दर्ज कराई है। मामला सिहोरा थानांतर्गत बरगवां प्राथमिक शाला का है। बताया गया है कि संविदा शिक्षक नौ साल से फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि एसटीएफ ने मामले की जांच में पाया है कि आरोपी शिक्षक ने 2005 में व्यापम की परीक्षा दी थी। वर्ष 2007 में हुई संविदा शिक्षक वर्ग तीन की भर्ती में नेमचंद उर्फ चंद सिंह तेकाम ने फर्जी दस्तावेज लगाए और नौकरी हासिल कर ली। दसवीं, व्यापम, आयप्रमाण पत्र के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। भोपाल एसटीएफ ने जांच कर अरोपी शिक्षक के विरुद्ध सिहोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी के विरुद्ध धारा 409, 420, 467, 471 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

आरोपी फरार
थाना प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि आरोपी शिक्षक नेमचंद उर्फ चंद सिंह तेकाम कुंडम तहसील के पड़रिया ग्राम पंचायत के सूपाबारा गांव का रहने वाला है। जो 2007 से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहा है। तेकाम प्राथमिक शाला बरगवां (भीटा निगवानी) में पदस्थ है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

आरटीआई से हुआ खुलासा
कुंडम तहसील के पड़रिया गांव निवासी रामसिंह कुलस्ते ने आरटीआई लगाकार शिक्षक के दस्तावेज एकत्रित किए। जिन्हें पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया। जांच एसटीएफ को सौंपी गई। जांच में नेमचंद तेकाम के सभी दस्तावेज फर्जी निकले।

इनका कहना है कि
एसटीएफ ने नेमचंद नाम के शिक्षक पर फर्जी तरीके से नौकरी पाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी शिक्षक की तलाश की जा रही है।
संजय दुबे, थाना प्रभारी सिहोरा



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