Big Breaking News लॉक में दोहरी मार, बिजली के दाम बढ़ाने की तैयारी

फिर भी बिजली देगी झटका, पांच प्रतिशत बढ़ सकते हैं दाम

By: virendra rajak

Updated: 16 May 2020, 06:39 PM IST

बिजली के दाम बढ़ाने मप्र नियामक आयोग करेगा डिजीटल सुनवाई


जबलपुर, पूरा देश लॉक डाउन में विभिन्न तरह की परेशानियां झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिजली के दाम बढ़ाने की तैयारी कर ली गई है। मध्य प्रदेश नियामक आयोग द्वारा जल्द ही सुनवाई की जा सकती है। इसके लिए तीस मई तक आपत्तियां भेजने की तारीख निर्धारित की गई है। ऐसा माना जा रहा है कि सुनवाई के बाद प्रदेश में पांच प्रतिशत बिजली के रेट बढ़ाए जा सकते हैं। ऐसा होता है, तो लॉक डाउन के बाद प्रदेश के उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।
प्रस्ताव और बढ़ाने की आशंका
खपत-वर्तमान दर-प्रस्तावित दर- बढ़ाए जाने की आशंका
0-50-4.05-4.35-30 पैसे
51-100-4.95-5.25-30 पैसे
101-300-6.30-6.60-30 पैसे
300 से ऊपर-6.50-6.80-30 पैसे
क्या है मामला-
बिजली कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के लिए मप्र विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की। याचिका में सालाना करीब दो हजार करोड़ रुपए के वित्तीय नुकसान की बात कही गई। इसके बाद आयोग ने आपत्तियां आमंत्रित कीं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से करीब 22 आपत्तियां आयोग में पहुंची।
फिक्स चार्ज में भी बढ़ोत्तरी संभावित
शहरी
वर्तमान- प्रस्तावित
0-50-60-65
51-100-100-110
ग्रामीण
वर्तमान- प्रस्तावित
0-50-45-50
51-100-80-90
(नोट-राशि रूपये में)
दाम बढ़ाने की जगह, करार निरस्त करें
बिजली दरों को लेकर आपत्ति दर्ज करवाने वाले अधिवक्ता राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि बिजली दाम बढ़ाने की जगह सरकार को बिजली खरीदी के करार निरस्त करने चाहिए। इसी के माध्यम से करीब पांच हजार करोड़ रुपए की बचत की जा सकती है। वहीं महाकौशल उद्योग संघ के डीआर जैसवानी ने कहा कि देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। आर्थिक गतिविधियां बंद है। सरकार को बिजली के दाम नहीं बढ़ाने चाहिये। यदि ऐसा होता है, तो उद्योग धंधो को बड़ा नुकसान झेलना पडेगा।
तो एक अप्रेल से लागू होती नई दरें
जबलपुर में 27 मार्च को जनसुनवाई आयोजित की गई थी। नियामक आयोग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए जनसुनवाई निरस्त कर दी। हर साल एक अप्रैल से नई बिजली दर लागू होती है लेकिन इस बार जनसुनवाई नहीं होने की वजह से अभी तक यह प्रक्रिया नहीं हो पाई। अब डिजिटल जनसुनवाई के जरिए बिजली के दाम पर निर्णय लिया जाएगा।

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