यहां लगाइये इंडस्ट्री, खूब है जमीन

3 हजार एकड़ से ज्यादा का लैंड बैंक, तीन इंडस्ट्रियल एरिया

 

By: gyani rajak

Updated: 06 Jan 2020, 12:49 PM IST

जबलपुर. उद्योगों की स्थापना के लिए जबलपुर निवेशकों के लिए मुफीद साबित हो सकता है। इसका कारण है यहां पर बड़े जमीन बैंक की उपलब्धता। मनेरी, उमरिया-डुंगरिया और सिहोरा के हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में 1200 हेक्टेयर से अधिक भूमि है। इसमें से करीब 170 हेक्टेयर भूमि का उपयोग हो सका है। इसमें विकसित भूमि भी शामिल है।

उद्योगों में निवेश के लिए पहली प्राथमिकता भूमि की उपलब्धता होती है। इसके बाद उद्योगों से सम्बंधित अन्य संसाधनों की। इस लिहाज से जबलपुर में भरपूर जमीन उपलब्ध है। खास बात यह है कि इस जमीन का बड़ा हिस्सा विकसित किया जा चुका है। दो साल पहले मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में 30 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए गए थे। हरगढ़ में भी कुछ हिस्सा विकसित किया गया है। उमरिया-डुंगरिया में फेज-2 में 63 हेक्टेयर में से 28 हेक्टेयर भूमि विकसित कर 86 भूखंड तैयार किए गए हैं।

यहां शुरू होंगे उद्योग
नए साल में उमरिया-डुंगरिया और मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ तीन दर्जन इंडस्ट्री शुरू हो सकती हैं। मनेरी में 40 छोटी-बड़ी इंडस्ट्री निर्माणाधीन हैं। इनमें 100 करोड़ का निवेश हुआ है। उमरिया-डुंगरिया के फेज-1 में 38 इंडस्ट्री निर्माणाधीन हैं। फेज-2 में 11 इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है।

यहां लगाइये इंडस्ट्री, खूब है जमीन


भूमि का विवरण

औद्योगिक क्षेत्र : कुल भूमि : विकसित : आवंटित
हरगढ़, सिहोरा : 290 : 171 : 40

उमरिया-डुंगरिया : 317 : 60 : 14
मनेरी : 487 : 487 : 105

फूड पार्क मनेरी : 31 : 31 : 8


यहां भी है लैंड बैंक
तहसील : गांव : जमीन का क्षेत्रफल

जबलपुर : ऐटाखेड़ा : 43
सिहोरा : सरदा : 18

सिहोरा : धरमपुरा : 12
शहपुरा : उमरिया : 39

शहपुरा : खैरी : 54
(नोट : जमीन का क्षेत्रफल हेक्टेयर में।)

औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापनाधीन इकाइयां

औद्योगिक क्षेत्र : स्थापित इकाई : स्थापनाधीन इकाई
हरगढ़ : 08 : 02

उमरिया-डुंगरिया : 30 : 38
मनेरी : 75 : 32

फूड पार्क मनेरी : 06: 09

निवेश के लिए जबलपुर सहित पूरे सम्भाग में बेहद सम्भावनाएं हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में वर्तमान में आधा सैकड़ा से ज्यादा इकाइयां निर्माणाधीन हैं। ज्यादातर इस साल उत्पादन शुरू कर देंगी।
सीएस धुर्वे, कार्यकारी संचालक, एमपीआईडीसी

जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की स्वरोजगार योजनाओं के तहत सैकड़ों सूक्ष्म और मध्यम उद्योग स्थापित हो रहे हैं। वृहद उद्योगों को भी लाने के प्रयास किए जाएंगे।

देवब्रत मिश्रा, महाप्रबंधक , जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र

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