भाजपा शासित नगर निगम फिसड्डी घोषित, स्मार्ट सिटी का है दावेदार

वित्त आयोग ने कहा - जानकारी भेजने में फिसड्डी है जबलपुर नगर निगम

 

By: Lalit kostha

Published: 04 Apr 2018, 11:45 AM IST

जबलपुर. विकास कार्यों, मौजूदा प्रोजेक्ट और संस्था की वित्तीय स्थिति का डाटा अपडेट रखना चाहिए, लेकिन जबलपुर नगर निगम जानकारी उपलब्ध कराने में फिसड्डी है। प्रदेश के १६ नगर निगम में यहां से सबसे अंत में जानकारी भेजी गई, वो भी आधी-अधूरी थी। ये बात राज्य वित्त आयोग के सदस्य केएम आचार्य ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कही। उन्होंने पूछा शहर में डार्क स्पॉट कितने हैं, तो निगम आयुक्त वेद प्रकाश का जवाब था एक भी नहीं है। इस पर आयोग के सभी पदाधिकारी हैरान रह गए और कहा एेसा सम्भव ही नहीं है। दरअसल वे जानना चाह रहे थे शहर में एेसे कितने स्पॉट चिन्हित हैं जहां रात में अंधेरा छा जाता है और बालिकाओं, महिलाओं के लिए असुरक्षित हैं। जबकि हकीकत ये है कि आधे शहर की सड़कों में आज भी पुराने हैलोजन बल्व टिमटिमाते हैं। पांच साल से निगम प्रशासन शहरभर में एलइडी लाइट लगाने की योजना तो बना रहा है, लेकिन अमल नहीं हो सका।

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निगम आयुक्त ने बैठक में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट व अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी। महापौर स्वाति गोडबोले ने नियमित किए पांच सौ से ज्यादा कर्मचारियों के वेतन के लिए २५ करोड़ के अतिरिक्त फं ड की आवश्यकता बताई। आयोग के सदस्य सचिव मिलिन्द वाईकर ने निगम प्रशासन को आय के साधन बढ़ाने आवश्यक पहल करने कहा।
राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि ने निगम की आय के स्रोत बढ़ाने नहरों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करने का सुझाव दिया। आयोग अध्यक्ष कोठारी ने कहा कि अतिरिक्त फं ड के लिए निर्धारित प्रारूप पर प्रपत्र भरकर भेजें। सम्भागायुक्त गुलशन बामरा की मौजूदगी में बैठक का उद्देश्य नगर निगम व नगर परिषदें के वित्तीय संसाधन, बजट पर चर्चा करना व आवश्यक सुझाव लेना था।

Lalit kostha Desk
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