यहां मिलते हैं सबसे अच्छे और सस्ते कूलर, आलमारियां

फेब्रीकेशन का काम व्यापक पैमाने पर किया जाता है। यहां आलमारी, कूलर, ट्रंक, पेटी, पलंग बनाने के छोटे बडे़ करीब ४०० कारखाने हैं।

By: deepak deewan

Published: 01 Feb 2018, 02:37 PM IST

जबलपुर. जबलपुर में फेब्रीकेशन का काम व्यापक पैमाने पर किया जाता है। यहां आलमारी, कूलर, ट्रंक, पेटी, पलंग बनाने के छोटे बडे़ करीब ४०० कारखाने हैं। ज्यादा काम गोहलपुर, अधारताल, रद्दीचौकी और हनुमानताल क्षेत्र में चलता है। इसके अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में इनके कारखाने चलते हैं। बड़े पैमाने पर निर्माण के कारण आलमारी, कूलर, ट्रंक, पेटी, पलंग आदि के दाम अपेक्षाकृत कम रहते हैं। प्रतिस्पर्धा के कारण इन जरूरी चीजों की क्वालिटी भी बेहतर होती है। अब इनके दाम और कम होने व क्वालिटी बढऩे की आस और बढ़ गई है। यहां फेब्रीकेशन क्लस्टर बनाने की बात चल रही है जिससे इस व्यवसाय की तस्वीर पूरी तरह बदल जाने की उम्मीद है।


मिलेगा लाभ
जिले में आलमारी, कूलर, ट्रंक, पेटी, पलंग आदि के फेब्रीकेशन के काम मे १० हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यह काम अभी बिखरा है। कई जगह रिहायशी इलाकों में कारखाने हैं। इस वजह से आए दिन परेशानी होती हैं। असंगठित होने के कारण इन कारखानों में नई तकनीक से काम नहीं हो पाता। चीजों का वेल्यू एडीशन भी नहीं होता। इन कारखानों को एक जगह एकत्रित करने के लिए फेब्रीकेशन क्लस्टर की मांग लगभग छह साल से की जा रही है। पहले कुदवारी में इसके लिए जगह देखी गई लेकिन वह विवादित थी। कोई दूसरी जगह नहीं मिलने से योजना फाइलों में दबकर रह गई। फेब्रीकेशन क्लस्टर की यह योजना क्यों अटकी, आगे कैसे बढ़ा जा सकता है। इसके लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को सिलसिलेवार रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। शासन की अनुदान योजनाओं का लाभ मिलने पर कारोबारी निजी भूमि पर इसे स्थापित करने की मंशा भी जता चुके हैं। महाकोशल स्टील फर्नीचर हस्तकला एसोसिएशन ने हाल में इस विषय को कमिश्नर गुलशन बामरा के समक्ष उठाया। उनका कहना था कि फेब्रीकेशन क्लस्टर के लिए भूमि मिलनी चाहिए। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को इस काम में सहयोग के लिए कहा गया।

- फेब्रीकेशन क्लस्टर की योजना आगे बढ़ सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें कौन सी बाधा आ रही है। कारोबारियों को क्या सहयोग चाहिए। सभी विषयों को समाहित कर जल्द ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
देवब्रत मिश्रा, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र
- लम्बे समय से फेब्रीकेशन क्लस्टर के लिए भूमि की मंाग शासन से की जा रही है। कमिश्नर गुलशन बामरा के समक्ष इस विषय को उठाया गया। उन्होंने उचित कार्रवाई के आश्वासन दिया है। हम निजी एवं सरकारी दोनों तरह की भूमि की तलाश इस योजना के लिए कर रहे हैं।
अन्नू अनवर, अध्यक्ष महाकोशल स्टील फर्नीचर हस्तकला एसोसिएशन

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