सर्वाइकल कैंसर रिसर्च में खुलासा, दो वायरस से 65.5 प्रतिशत महिलाओं को इस खतरनाक रोग का खतरा

मेडिकल कॉलेज और आइसीएमआर का सेंट्रल इंडिया की महिलाओं पर शोध

By: deepankar roy

Published: 17 Nov 2019, 12:21 PM IST

जबलपुर. सेंट्रल इंडिया की युवतियों और महिलाओं को दो प्रकार के हृयूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) से सर्वाइकल कैंसर Cervical Cancer का खतरा है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज (nscbmc) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (icmr) की रिसर्च में सर्वाइकल कैंसर cervical cancer से पीडि़त 65.5 प्रतिशत महिलाएं एचपीवी इन्फेक्शन hpv infection की शिकार मिली हैं। इसमें ज्यादातर एचपीवी-16 और 18 की पीडि़त है। एचपीवी hpv कई वायरस virrus का समूह होता है। ये गर्भाशय ग्रीवा को संक्रमित करता है। सौ से ज्यादा प्रकार के एचपीवी hpv होते हैं। मेडिकल कॉलेज medical collage के कैंसर विभाग और आइसीएमआर icmr के शोध में दो प्रकार के एचपीवी वायरस hpv virus से ही ज्यादातर महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर cervical cancer होने की जानकारी सामने आयी है। यह संक्रमण शारीरिक संबंध बनाने से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

कार्सिनोमा टिश्यू का टेस्ट

मेडिकल कॉलेज medical collage के कैंसर विभाग में पिछले एक वर्ष में सर्वाइकल कैंसर cervical cancer से पीडि़त महिलाओं पर रिसर्च की गई। इसमें शहर सहित आसपास के करीब 10 जिलों की महिला सर्वाइकल कैंसर cervical cancer पीडि़त शामिल है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. श्यामजी रावत की निगरानी में पीडि़ताओं के बायोप्सी सेंपल लिए गए। इन नमूनों की आइसीएमआर icmr में वैज्ञानिक डॉ. पीवी बर्डे की निगरानी में मॉलिक्यूलर जांच हुई। कार्सिनोमा टिश्यू का परीक्षण हुआ। कैंसर cancer पीडि़त महिलाओं में एचपीवी hpv-16 और 18 के इन्फेक्शन का पता लगाया गया। रिसर्च टीम में सुलेखा यादव, प्रांजिल मंडलोई, चिंकल पानिहर शामिल थे।

रिसर्च रिपोर्ट

87 सर्वाइकल कैंसर cervical cancer पीडि़त की जांच हुई।

65.5 प्रतिशत एचपीवी संक्रमण hpv infection से पीडि़त।

51.7 प्रतिशत एचपीवी hpv-16 से संक्रमित infected।

27 प्रतिशत एचीपी hpv -18 से संक्रमित hpv infected।

17.2 प्रतिशत एचपीवी hpv-16 व 18 संक्रमित infected।

शादी से पहले वैक्सीनेशन

कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार सेंट्रल इंडिया central india में एचपीवी संक्रमण hpv infection की एक बड़ी वजह अशिक्षा और जागरुकता में कमी है। विदेशों में संक्रमण infection को रोकने के लिए युवतियों और महिलाओं का समय रहते वैक्सीनेशन infection किया जाता है। देश में एचपीवी इन्फेक्शन hpv infection रोकने वैक्सीन उपलब्ध है। लेकिन ये सरकार के वैक्सीनेशन प्रोग्राम का हिस्सा नहीं है। महिलाएं वैक्सीन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखती है। यदि हमारे यहां शादी (शारीरिक संबंध) से पहले महिला में एचपीवी इन्फेक्शन का वैक्सीनेशन किया जाए तो सर्वाइकल कैंसर cervical cancer के संक्रमण को नियंत्रित जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर cervical cancer का अगर शुरुआती समय में ही उपचार किया जाए तो इसके खतरे को कम करके, इसके कारण होने वाली मौतों को भी कम किया जा सकता है।

अहम बातें

दुनिया में कैंसर cancer के कारण होने वाली मौतों में सर्वाइकल कैंसर एक प्रमुख कारण है।

देश में कैंसर से होने वाली मौत में दूसरा सर्वाधिक सर्वाइकल कैंसर cervical cancer है।

शोध से अंचल में एचपीवी-16 और 18 इन्फेक्शन से सर्वाइकल कैंसर की बात सामने आयी।

मध्य भारत क्षेत्र में कैंसर cancer के स्पेसिफिक संक्रमण को लेकर पहली बार परीक्षण।

प्रारंभिक नतीजे चौंकाने वाले। विशेषज्ञों ने संक्रमण को लेकर व्यापक शोध की जरूरत बताई।

एक कैंसर मरीज पर सरकार जितनी राशि उपचार में खर्च करती है। उतने में एक गांव का वेक्सीनेशन हो सकता है।

वायरस और इन्फेक्शन पर शोध

मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग में विशेषज्ञ डॉ. श्यामजी रावत के अनुसार सर्वाइकल कैंसर cervical cancer से पीडि़त महिलाओं पर आइसीएमआर के सहयोग से इन्फेक्शन पर रिसर्च की गई है। इसमें 65.5 महिलाओं में एचपीवी इन्फेक्शन hpv infection मिला है। ज्यादातर महिलाएं दो प्रकार के एचपीवी(16 व 18) से संक्रमित है। वेक्सीनेशन के जरिए एचपीवी संक्रमण hpv infection के खतरे और सर्वाइकल कैंसर cervical cancer को कम किया जा सकता है।

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deepankar roy Reporting
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