रेलवे कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश पर कैट ने लगाई रोक, जीएम और डीआरएम को नोटिस

एससी, एसटी संवर्ग के कर्मियों को पदोन्नत करने का मामला

By: deepankar roy

Published: 09 Dec 2017, 12:41 PM IST

जबलपुर। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के एक आदेश से कई रेलवे कर्मचारियों को झटका लगा है। ये सभी वे कर्मचारी है जिन्हें रेलवे ने हाल ही पदोन्नत किया है। इनकी पदोन्नति को चुनौती देने वाली एक याचिका कैट में दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट ने कर्मचारियों के पदोन्नति के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके आदेश के आने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर रेलवे के विभागों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।

लोको पायलट सेंटर का मामला
कैट का यह फैसला लोको पायलट सेंटर के पदों पर की जा रही पदोन्नति के आदेश से संबंधित है। कैट जबलपुर के न्यायिक सदस्य रमेश सिंह ठाकुर व प्रशासनिक सदस्य नवीन टंडन की बेंच ने शुक्रवार को पदोन्नति संबंधी मामले में सुनवाई की। इसके बाद पदोन्नति के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने के साथ ही पमरे के जीएम व अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

इन्होंने दायर की याचिका
डब्लयूसीआर में सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट संतोष यादव व अन्य की ओर से लोको पायलेट सेंटर के पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। उनके क्षरा दायर याचिका में कहा गया है कि 10 नवंबर, 2017 को रेलवे ने लोको पायलट सेंटर के पदों के लिए पदोन्नति सूची जारी की। इसमें सभी आरक्षित वर्ग के कर्मियों को पदोन्न्त करने के आदेश दिए गए।

शपथपत्र में ये कहा है
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने कोर्ट को बताया कि कैट की पटना बेंच के समक्ष रेलवे ने शपथपत्र देकर कहा था कि लोको पायलट सेंटर के पदों पर वरिष्ठता के आधार पर हर पदोन्नति की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी करते हुए रेलवे ने केवल एससी,एसटी संवर्ग के कर्मियों को ही पदोन्नत किया। कोर्ट ने उक्त पदोन्नति आदेश को स्थगित कर दिया। अनावेदकों को २२ दिसंबर तक अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए।

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deepankar roy Reporting
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