scriptCaution lifted and became 'Udta Jabalpur', drug hotspot for smugglers | सावधानी हटी और बन गया ‘उड़ता जबलपुर’, तस्करों के लिए मादक पदार्थों का हॉटस्पॉट | Patrika News

सावधानी हटी और बन गया ‘उड़ता जबलपुर’, तस्करों के लिए मादक पदार्थों का हॉटस्पॉट

-मेट्रो कल्चर की गिरफ्त में स्थानीय युवा, अंचल में तेजी से बढ़ रही है नशे की तस्करी
चिंताजनक हालात
-पब, जिम, क्लब, कॉलेज कैंटीन, हुक्का लाउंज की सज रहीं महफिलें
-तमाम दावों के बावजूद जिम्मेदार नहीं तोड़ पा रहे नशे का नेटवर्क
-व्यस्तता के चलते पैरेंट्स नहीं देते बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान
-कम उम्र से ही बच्चे आने लगे हैं नशे की गिरफ्त में
-लाइफस्टाइल में बदलाव बन रहा रास्ते से भटकने का कारण
-बच्चे एक-दूसरे को देखकर करने लगे हैं नकल
-पुलिसकर्मियों कीमिलीभगत भी आती है समाने

जबलपुर

Published: October 23, 2021 11:14:49 am

जबलपुर. स्थानीय युवा तेजी से नशे के मेट्रो कल्चर की गिरफ्त में आया है। पब, जिम, क्लब, कॉलेज कैंटीन से लेकर हुक्का लाउंज की महफिलें सजने लगी हैं। नशे के सुरूर में डूबे युवाओं का बड़ा तबका धुएं के छल्ले उड़ाने में चूर नजर आता है। हैरानी की बात है कि तमाम दावों के बावजूद जिम्मेदार नशे का नेटवर्क नहीं तोड़ पा रहे। युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने की कोई कोशिश भी नहीं दिख रही। मादक पदार्थों की तस्करी धड़ल्ले बढ़ी है। यहां हुक्का लाउंज संचालन पर रोक का आदेश बेअसर है। जबलपुर ही नहीं अंचल के कस्बों-शहरों में भी नस्ल खराब करने वाला नशा तेजी से पैर पसार रहा है।
पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें, तो जबलपुर में पिछले दो वर्षों में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और इस्तेमाल पर सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष अभी तक 70 से अधिक प्रकरण बनाए जा चुके हैं। जाहिर है ये वे मामले हैं, जो मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिए जाते हैं। बड़ी संख्या में चोरी-छिपे तस्करी के गिरोह तो पकड़े ही नहीं जाते। नरसिंहपुर में इस साल अब तक गांजा के 29 और स्मैक के 19 प्रकरण सामने आ चुके हैं। जबलपुर को तस्करी के छत्तीसगढ़ रूट से जोडऩे वाले शहडोल जिले में दो वर्ष में डेढ़-डेढ़ दर्जन खेप पकड़ी गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है।
नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले अमित और नितेश पांडे का कहना है कि नशा मुक्ति की दिशा में प्रशासनिक तौर पर कार्य होना चाहिए। व्यस्तता के चलते पैरेंट्स बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते। काउंसलिंग के दौरान यही बातें सबसे ज्यादा सामने आती हैं। पायल रॉय का कहना है कि कम उम्र से ही बच्चे नशे की गिरफ्त आने लगे हैं। इसका कहीं ना कहीं कारण लाइफस्टाइल में बदलाव भी है। बच्चे एक-दूसरे के जैसा बनना चाहते हैं।
नशा माफिया पर नकेल नहीं
एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड) ने मध्यप्रदेश में महाकोशल और मालवा अंचल को मादक पदार्थों की तस्करी का संवेदनशील क्षेत्र माना है। इस आधार पर पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नशा माफिया को मानवता का दुश्मन बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद तस्करी की काली सूची वाले जिलों में माफिया की कमर तोडऩा तो दूर, छिटपुट कार्रवाई में भी कोताही की गई। स्थानीय स्तर के कुछ पुलिसकर्मियों कीमिलीभगत से भी इसे पनपने और फलने-फूलने का मौका मिला है।
खपाया जाता है गांजा-डोडा-चूरा
जबलपुर में बड़ी मात्रा में गांजा, स्मैक और डोडा-चूरा खपाया जाता है। बीते दो वर्षों में जिले में पांच सौ किलो से अधिक गांजा हर साल पकड़ा गया। इस साल अब तक सवा चार सौ किलो की जब्ती बताई गई है। इसी तरह डोडा-चूरा की भी अच्छी खासी मात्रा पकड़ी जा चुकी है। अलग-अलग रूट से हर साल साढ़े आठ सौ ग्राम से अधिक स्मैक की खेप जब्त की गई।
अंतरराष्ट्रीय गिरोह
इस अंचल में तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह भी सक्रिय हैं। पिछले साल नेपाल के रास्ते मंगाई गई व उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश से होकर चेन्नई भेजी जा रही हशीश की बड़ी मात्रा नरसिंहपुर जिले के महमदपुर टोल प्लाजा पर पकड़ी गई। सात तस्करों के दो वाहनों से 117 किलो हशीश बरामद हुई थी। इसकी कीमत करीब छह से साथ करोड़ रुपए आंकी गई थी।
स्मैक की बड़ी खेप
नरसिंहपुर जिले में बीते कुछ महीनों में आधा दर्जन से अधिक खेप पकड़ी गई। कोतवाली थाना क्षेत्र में साढ़े चार लाख की 45 ग्राम, ठेमी पुलिस ने पांच लाख की 50 ग्राम, सुआताल थाना अंतर्गत करीब डेढ़ लाख की 15 ग्राम स्मैक जब्त की गई। इतनी ही मात्रा तेंदूखेड़ा में पकड़ी गई। यह तस्कारी पुलिस के आंकड़ों की है। असल तस्करी इससे कहीं ज्यादा है।
महीनेभर में बड़ी कार्रवाई
शहडोल की रामनगर पुलिस ने कार से 92 प्लास्टिक के पैकेट में 460 किलो गांजा जब्त किया। इसकी कीमत 40 लाख रुपए आंकी गई। लगभग इतनी ही कीमत का जैतहरी थाना क्षेत्र में नारियल से लदी जीप में 400 किलो गांजा पाया गया। बिजुरी थाना क्षेत्र में भी दस लाख का 140 किलो गांजा जब्त किया गया। जानकारों के अनुसार कार्रवाई कम हुई हुई हैं।
'Udta Jabalpur'
'Udta Jabalpur'
जबलपुर में गांजे की खेप बरामद
2021 - 421 किलो 867 ग्राम
2020- 544 किलो 188 ग्राम
2019- 547 किलो 163 ग्राम
वर्जन
-बीते एक माह में मादक पदार्थ बेचने वाले कई गिरोह पकड़े गए हैं। ओडिशा से आने वाले गांजे को लेकर अलर्ट हैं। नशीले इंजेक्शन के रैकेट भी पकड़े गए हैं। पुलिस अधिकारी कॉलेजोंं में जाकर छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करके नशे से दूर रहने की हिदायत भी देंगे।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी

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