सूर्योदय के साथ तोड़ा 36 घंटे का निर्जला व्रत, छठ महापर्व लगा नर्मदा तट पर मेला

नर्मदा घाटों और तालाबों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
डूबते सूर्य को दिया अघ्र्य, आज उदय होते सूर्य का पूजन कर तोड़ेंगे 36 घंटे का निर्जला व्रत

By: Lalit kostha

Updated: 21 Nov 2020, 12:12 PM IST

Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

जबलपुर। लोक आस्था के छठ महापर्व के चौथे दिन शनिवार की सुबह सूर्योदय के साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण हो गया। छठी मैया के मनमोहक लोकगीतों की धुनों के साथ सूर्य नारायण का आभार व्यक्त करते हुए सभी व्रतधारियों ने अपना अपना व्रत तोड़ा। कडकड़़ाती ठंड के बाद भी आस्था में कोई कमी नहीं रही। वहीं शुक्रवार शाम घरों, तालाबों और नर्मदा के घाटों पर व्रतियों ने डूबते सूर्य (अस्ताचलगामी) को अघ्र्य दिया गया। शहर के मुख्य तालाबों व नर्मदा के घाटों पर भी व्रती और श्रद्धालुओं पहुंचे। शाम को सूर्य देव को भोग लगाया। व्रतियों ने संतान के दीर्घायु होने, मान-सम्मान, परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। शनिवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। इसी के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा।
पूजा के दौरान प्रसाद औऱ फल टोकरी और सूप में रखे गए। पूजा की कड़ी में अघ्र्य देने से पहले बांस की टोकरी को फलों, ठेकुआ, चावल के लड्डू और पूजा के सामान से सजाया गया। सूर्यास्त से कुछ समय पहले व्रतियों ने सूर्य देव की पूजा के बाद अस्ताचलगामी सूर्य देव को अघ्र्य देकर पांच बार परिक्रमा कर वैदिक रीति से पूजा-अर्चना की। इससे पहले व्रतियों ने गुरुवार शाम भगवान सूर्य की आराधना और खरना किया था। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया था।

 

रोशनी से नहाए तालाब-घाट
शुक्रवार शाम नर्मदा के तट व तालाबों के घाट रंगीन रोशनी से नहाए रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से भी नर्मदा के घाटों और तालाबों में सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए गए हैं। एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

श्रद्धा-संयम का संगम
कोरोना संकट के बीच पूजन स्थलों में छठ पूजन के दौरान श्रद्धा व संयम का अनुपम संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश-बिहार महासंघ के कार्यकर्ता व जिला प्रशासन-नगर निगम, पुलिसकर्मी लोगों से लगातार संदेश दे रहे थे कि सामाजिक दूरी का पालन करें। कोरोना से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन करें।

ओएफके प्रशासन ने बनवाया कृत्रिम तालाब
ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया इस्टेट में छठ पूजा का आयोजन राम मंदिर परिसर में किया गया। यहां फैक्ट्री प्रशासन ने अस्थाई तालाब बनवाया। बिहार-उत्तरप्रदेश युवा महासंघ खमरिया के तत्वावधान में आयोजित इस पूजन कार्यक्रम में व्रतधारियों के अलावा बड़ी संख्यामें श्रद्धालु उपस्थित थे। फैक्ट्री के गेट नम्बर तीन के पास स्थित तालाब में मगरमच्छ होने की वजह से वहां पूजन प्रतिबंधित किया था। इसलिए प्रबंधन ने वैकल्पिक इंतजाम किया था। कार्यक्रम में राकेश रंजन, अनिल गुप्ता, संगम यादव, मुकेश मुखिया सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।

घरों में भी हुआ पूजन
कोरोनाकाल को देखते हुए बड़ी संख्या में छठ व्रतियों ने घर मे ही अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य दिया। इसके लिए छतों पर और प्लास्टिक के टब में पानी भरा गया।

पुलिस रही मुस्तैद
छठ पूजा के लिए 18 स्थलों को चयनित किया गया है। पुलिस और निगम प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं। ग्वारीघाट में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस ने कई बैरीकेड्स बनाए हैं। यातायात सम्भालने के लिए पुलिस की व्यवस्था की गई है। निगम कमिश्नर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि घाटों पर पेयजल की पूरी व्यवस्था होगी।

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