अब नहीं होंगे बाल विवाह, बाल विकास विभाग ने किया ये काम

अब नहीं होंगे बाल विवाह, बाल विकास विभाग ने किया ये काम

amaresh singh | Publish: Apr, 17 2018 04:36:49 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ो अभियान चलाया जा रहा

कटनी । अब बाल विवाह रोकने के लिए महिला सशिक्तकरण एवं बाल विकास विभाग ने कई कदम उठाए हैं। इसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों को जोड़ा जा रहा है। इससे बाल विवाह रोकने में मदद मिल रही है। साथ ही महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने कई बाल विवाह रूकवाए भी हैं। विभाग गांवों में कार्यशाला का भी आयोजन करवा रहा है।

समाजसेवा से जुड़े लोग हुए शामिल
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ो अभियान चलाया जा रहा। सोमवार को अभियान के तहत स्लीमनाबाद, भेड़ा, बंधी स्टेशन, तेवरी, बिचुआ, संसारपुर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जनप्रतिनिधि, शौर्यादल व पंच सहित कार्यक्रम में समाजसेवा से जुड़े लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने बाल विवाह रोकने के लिए समाज के सभी लोगों को आगे आने को कहा।

बाल विवाह एक अपराध

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम प्रावधान की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह एक अपराध है। इसकी रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। बाल विवाह का सबसे बड़ा कारण ***** भेद और अशिक्षा है। इस दौरान सेक्टर सुपरवाइजर पुष्पा आरख, प्रदीप त्रिपाठी, लखन लाल अग्रवाल, राकेश साहू, नितिन अग्रहरि, एबीके दुबे, सुरेन्द्र सिंह ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


रोके 3 बाल विवाह
महिला सशक्तिकरण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए लाडो अभियान में परामर्श के आधार पर तीन बाल विवाह परामर्श के माध्यम से रोके गए हैं। जन-सामान्य को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों को अवगत करवाने विभाग ग्राम स्वराज्य अभियान अंतर्गत संपादित हो रही है। ग्राम सभाओ में बाल विवाह से संबंधित विविध प्रावधानों एवं सामाजिक समस्याओं से अवगत करवाया जा रहा है। साथ ही जन-सामान्य में बाल विवाह के संबंध में जागरुकता लाने हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने शपथ ली है कि वे बाल विवाह रोकेंगे।

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