OMG! निवेशकों का 17 करोड़ लेकर भागी चिटफंड कंपनी, सुनिये आपबीती

    OMG! निवेशकों का 17 करोड़ लेकर भागी चिटफंड कंपनी, सुनिये आपबीती
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6 हजार लोगों के साथ धोखाधड़ी, एसपी के पास पहुंची शिकायत

जबलपुर। शहर में एक चिटफंड कंपनी लोगों को अधिक ब्याज का सब्जबाग दिखाते हुए उनके पैसे लेकर रफूचक्कर हो गई है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब आज एसपी ऑफिस शिकायत करने भारी संख्या में लोग पहुंचे। कंपनी का नाम इण्डस वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड बताया जा रहा है। जब यह लोग अपना पैसा मांगने कंपनी के सीएमडी के पास पहुंचे तो पता चला कि ऑफिस बंद कर गायब है। निवेशकों की मानें तो अकेले जबलपुर में कंपनी लगभग 18 करोड़ रुपए का चूना लगाकर भागी है। निवेशकों ने एसपी से इण्डस वेयर के सीएमडी अरुणेश सीता निवासी 27 राजपुव मनपुरा टाउन पटना के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की है। 



सुहागी निवासी पंचम लाल पटेल ने बताया कि वर्ष 2011 में चेरीताल स्थित मां शारदा टॉवर में इण्डस वेयर इण्डस्ट्रीज लिमिटेड का कार्यालय खोला गया था। धीरे-धीरे इस कंपनी ने पूरे जिले में विस्तार किया और ज्यादा ब्याज का झांसा देकर निवेशकों को आकर्षित करने लगी। कंपनी के कर्ता धर्ताओं द्वारा रिजर्व बैंक, वित्त मंत्रालय समेत संबंधित शासकीय विभागों के दस्तावेज डिस्प्ले किये गए थे जिससे निवेशकों का भरोसा पक्का हो गया और देखते ही देखते हजारों लोगों ने कंपनी में करोड़ों रुपए जमा कर दिए। कंपनी द्वारा निवेशकों से आरपीएस, एमआईएस, एपीएस, एफआईपी, एलआईपी आदि योजनाओं में निवेश की सुविधा दी थी।

17 करोड़ से अधिका सूचना

शिकायत करने पहुंचे पंचमलाल पटेल, विजय गुप्ता, रविंद्र नामदेव, विष्णु चौधरी, अंगीरा सेन, मुकेश पटेल संदीप कोष्टा की मानें तो कंपनी 17 करोड़ से अधिक रुपए लेकर भाग गई है। बताया जा रहा है कि 7 हजार से अधिक लोगों ने कंपनी में निवेश किया है। अकेले जबलपुर से 1500 से अधिक निवेशक हैं। 

ब्याज का सब्जबाग, फिर धोखा

बताया जा रहा है कि इस चिटफंड कंपनी का कारोबार कई दिनों से शहर में चल रहा था। एजेंट बैंकों से करीब पांच परसेंट अधिक ब्याज देने का वादा करते थे। छोटे-मोटे कारोबारी रोज-रोज बैंक जाकर रुपए जमा करने से बचने और अधिक ब्याज के चक्कर में रुपए जमा करने लगे। कंपनी ने लोगों को बाकायदा कागजात दे रखे हैं। 

डूबने का है अंदेशा

कंपनी के बंद होने की खबर फैलते ही सोमवार को कंपनी में निवेश करने वाले दर्जनों लोग थाने पहुंच गए। उनका दावा था कि उनके साथ सैकड़ों लोगों ने कंपनी में एक 18 रुपए का निवेश किया है। शिकायत पर एसपी ने जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अफ्सरों का कहना है कि दफ्तर की जांच के बाद ही इस बात का खुलासा होगा कि कंपनी में कितने लोगों ने कितने रुपए का का निवेश किया है और वास्तविक स्थिति क्या है।

पूरे प्रदेश में फैला है जाल

जबलपुर के निवेशकों की मानें तो इण्डस वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड का जाल पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। यदि कंपनी भागी है जो फिर अरबो रुपए निवेशकों का डूबने की आशंका है। बताया जा रहा है कि मप्र में 10 से 15 ब्रांच हैं। प्रारंभिक तौर पर मप्र, छिंदवाड़ा, रीवा, परासिया, इंदौर, भोपाल, सिवनी, गोंदिया आदि शहरों में कंपनी के होने की जानकारी लगी है। 

नहीं लग रहा फोन

एसपी ऑफिस में शिकायत करने पहुंचे पंचमलाल पटेल सुहागी जबलपुर ने बताया कि इसका ऑफिस देलही में है। पूरे देश में 154 ब्रांच चल रही हैं। एफडी और एमआईएस में पैसा जमा कराती थी। समय पर पैसा देने का वादा किया था। अब सीएमडी का फोन नहीं लग रहा है। ऑफिस भी कंपनी भागने की खबर से निवेशकों में हडकंप की स्थिति है।


इन कंपनियों के खिलाफ ङ्क्षछदवाड़ा में दर्ज है एफआईआर

-सांई प्रसाद प्रापर्टी लिमिटेड

-एलएण्डटी फायनेंस लिमिटेट

-बीएन गोल्ड, बीएनजी ग्लोबल इंडिया लिमिटेड कंपनी

-ईव मिराकल ज्वेल्स लिमिटेड जयपुर

-पल्स इंडिया लिमिटेड

-रोजवैली कंपनी

-इंडस वेयर इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी

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