हे मात नर्मदे! आपके किनारे बसे शहर की दुआओं से बना सीजेआई

जबलपुर में सीजेआई शरद बोबडे ने कहा- खींच लाया मां नर्मदा का प्यार, आंचल में मिलती है असीम शांति

 

By: shyam bihari

Updated: 18 Oct 2020, 09:43 PM IST

जबलपुर। भारत के प्रधान न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े जबलपुर शहर प्रवास पर पहुंचे तो भक्तिभाव से ग्वारीघाट के उमाघाट पर मां नर्मदे की महाआरती में शामिल हुए। उन्होंने दिल का उद्गार जताया कि मां नर्मदा का प्यार उन्हें यहां खींच लाया। नर्मदा मां के आंचल में असीम शांति की अनुभूति होती है। साथ में यह भी कहा कि मां नर्मदा के किनारा बसा जबलपुर शहर अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। जबलपुर से मिली दुआओं का ही असर है कि वे भारत के प्रधान न्यायाधीश पद की जिम्मेदारी सम्भाल रहे हैं।

भारत के प्रधान न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े ने यहां कहा कि मां नर्मदा का प्यार उन्हें यहां खींच लाया। उन्होंने कहा कि नर्मदा मां के आंचल में उन्हें असीम शांति की अनुभूति होती है। जस्टिस बोबड़े महाआरती में शामिल होने के लिए नर्मदा तट स्थित उमाघाट पहुंचे थे। सीजेआई बोबड़े ने स्पष्ट किया कि विभिन्न हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस यदि चाहें तो अपने अधीन कोर्टों में भौतिक सुनवाई आरम्भ करने के आदेश दे सकते हैं। शनिवार को दोपहर 1.20 बजे सीजेआई बोबडे का नई दिल्ली से फ्लाइट के जरिये जबलपुर आगमन हुआ। डुमना विमानतल में कुछ समय विश्राम के बाद उनका काफिला 2.30 बजे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव के निवास पर पहुंचा। जहां मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने उनका स्वागत किया। इसी दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि फिलहाल अदालतों में भौतिक सुनवाई आरम्भ किया जाना सम्भव नहीं है।
वीसी से सुनवाई जारी रहेगी
सीजेआई बोबडे ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष रमन पटैल, सचिव मनीष तिवारी, उपाध्यक्ष शंभूदयाल गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका मिश्रा व मनोज कुमार रजक से सौजन्य भेंट के दौरान साफ किया कि कोविड-19 के खतरे के चलते महत्वपूर्ण मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये सीमित सुनवाई जारी रहेगी। सीजेआई बोबडे ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा में स्पष्ट कहा कि कोर्ट खुलनीं चाहिए, यह मैं भी मानता हूं। विगत छह माह से जबलपुर सहित देश भर के वकीलों को हो रही तकलीफ से मुझे भी दुख है। इसके लिए व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी भी हूं। लेकिन कोविड-19 के खतरे के बीच अदालतें खुलने से अधिक महत्वपूर्ण लोगों की जान की सुरक्षा है। सीजेआई बोबडे ने बार एसोशिएशन के पदाधिकारियों के समक्ष वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपने-अपने राज्य में कोरोना संकट की स्थिति का गंभीरता से आकलन कर रहे हैं। मेडिकल बोर्ड, मौसम विज्ञानी सहित अन्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं, तो चरणबद्ध तरीके से कोर्ट खोले जा सकते हैं। लेकिन फिलहाल कोरोना संक्रमण की व्यापक स्थिति के मद्देनजर इसकी कोई संभावना नहीं है। परिस्थितियां अनुकूल होने तक इंतजार करना होगा।
धोती-कुर्ता में महाआरती के बाद किया नर्मदा पूजन
सीजेआई बोबडे शनिवार की शाम परंपरागत परिधान धोती-कुर्ता में जबलपुर के ग्वारीघाट तट पहुंचे। वहां उन्होंने नर्मदा महाआरती और पूजन-अर्चन किया। नर्मदा तट पर सीजेआई ने स्वामी गिरीशानंद सहित सभी उपस्थित संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव, गुवाहाटी हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस अजीत सिंह व पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आरएस झा सहित अन्य लोग मौजूद थे। मप्र हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनने के बाद प्रथम जबलपुर आगमन के समय 17 अक्टूबर 2012 को उन्होंने जो परिधान धारण किया था, वैसा ही परिधान आठ साल बाद 17 अक्टूबर, 2020 को भी देखने को मिला। महाआरती में शामिल होने के बाद सीजेआई ने नर्मदा का पूजन किया। उन्होंने एक पात्र में नर्मदाजल भी भरवाकर मंगवाया। इसके बाद उनका काफिला रामलला मन्दिर ग्वारीघाट पहुंचा। यहां उन्होंने मन्दिर में पूजन अर्चन किया।

shyam bihari Desk
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