मुख्यमंत्री शिवराज का बड़ा बयान, इस शहर के लिए कही ये बात

मुख्यमंत्री शिवराज का बड़ा बयान, इस शहर के लिए कही ये बात

Lalit Kumar Kosta | Publish: Sep, 11 2018 11:59:34 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

मुख्यमंत्री शिवराज का बड़ा बयान, इस शहर के लिए कही ये बात

जबलपुर. मेडिकल विश्वविद्यालय जबलपुर को स्वास्थ्य सेवाओं का हब बनने की राह प्रशस्त करेगा। विश्वविद्यालय से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेज संबद्ध हो गए हैं। यहां एलोपैथी, आयुर्वेद, होमोपैथी, नेचुरोपैथी, योग चिकित्सा के विशेषज्ञ तैयार होंगे। यह बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को मेडिकल विश्वविद्यालय के 20 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रशासनिक भवन की नींव रखे जाने के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि एक शहर में 5 विश्वविद्यालय होना गर्व की बात है।

NEAS FACTS- स्वास्थ्य सेवाओं का हब बनेगा जबलपुर- CM

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेडिकल विश्वविद्यालय प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा। जल्दी ही प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढकऱ 15 हो जाएगी। आने वाले समय में प्रदेश में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के मद्देनजर फिलहाल बीएएमएस डॉक्टरों को भी प्रशिक्षण देकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उनकी सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है।

 

विश्वविद्यालय के प्रशानिक भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ
‘भाषा की कठिनाई डॉक्टर बनने की राह में रोड़ा न बने और हिन्दी में एलोपैथी, आयुर्वेद, होमोपैथी समेत समस्त पैथियों की पढ़ाई हो सके। इस दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। जिस तरह से रूस, जापान, चीन में वहां की स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई होती है। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में इस पैथी से लगातार रिसर्च करने पर फोकस किया जाए।’ यह बात सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेडिकल विश्वविद्यालय के 20 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के कार्य आरम्भ के अवसर पर कहीं।

वहीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि बच्चे, किशोरियों, युवतियों, महिलाओं व वरिष्ठजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। प्रदेश सरकार इस दिशा में लगातार अच्छा काम कर रही है, लेकिन बीमारियां न हों इसके लिए भी प्रयास करने होंगे। इसके लिए स्वच्छता पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर स्कूल में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार उन्हें इलाज मुहैया कराया जाना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में संबोधन देने की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर बड़े मंच से हिन्दी में वक्तव्य देते हैं मातृभाषा में पढ़ाई हो ये सभी के लिए गर्व की बात होगी। मुख्यमंत्री चौहान ने मेडिकल अस्पताल में टीबी चेस्ट, न्यूरोलॉजी के विभाग के लिए 44 करोड़ 8 लाख रुपए व 183 पद स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली तो पता लगा कि 1964 के बाद मप्र में कोई मेडिकल कॉलेज नहीं खुला। मेडिकल कॉलेज कम थे, अस्पताल व डॉक्टरों की संख्या भी कम थी। डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने। सागर में मेडिकल कॉलेज खोला। इस साल चार नए मेडिकल कॉलेज खुल गए। तीन और खुल जाएंगे। दो की और घोषणा की है जिनका जल्दी ही शिलान्यास होगा। प्रदेश में 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज खोलने शुरू किए तो समस्या आई कि मेडिकल कॉलेज अलग-अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध थे। उनके पाठ्यक्रम से लेकर परीक्षा कैलेंडर व रिजल्ट के समय में एकरूपता नहीं थी। इस समस्या के निदान के लिए संस्कारधानी में मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया। जिसमें सभी मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज समेत चिकित्सा की सभी विधाओं से संबद्ध कॉलेज शामिल हों। मेडिकल विश्वविद्यालय ने आज पाठ्यक्रम में एकरूपता से लेकर परीक्षा, रिजल्ट के कैलेंडर में एकरूपता लाने का काम किया है, परीक्षा में पारदर्शिता है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना को भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति लाने वाली बताया।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में जबलपुर को मेडिकल समेत तीन विश्वविद्यालयों की सौगात मिली। उन्होंने कहा डॉक्टर को समाज में भगवान की उपमा दी जाती है, उनकी कठिनकाल में सबसे अहम भूमिका होती है। इससे पूर्व मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आरएस शर्मा ने बताया कि होमोपैथी के स्टूडेंट्स के माध्यम से हिन्दी में पढ़ाई व परीक्षा शुरू की है, जिसका परिणाम अच्छा रहा है।

ये थे मौजूद
महापौर स्वाति गोडबोले, विधायक अंचल सोनकर, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नंदनी मरावी, प्रतिभा सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मनोरमा पटेल, एमडीए अध्यक्ष प्रभात साहू, जेडीए अध्यक्ष डॉ. विनोद मिश्रा, अजय विश्नोई, हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, चिकित्सा शिक्षा विभाग के एसीएस जुलानिया, रादुविवि के कुलपति डॉ. क पिल देव मिश्रा, वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीडी जुयॉल व स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट में स्वागत : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शाम 4.55 बजे डुमना विमानतल पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री शरद जैन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद राकेश सिंह, जेडीए अध्यक्ष विनोद मिश्र, विधायक सुशील तिवारी, अशोक रोहाणी,एसके मुद्दीन मौजूद थे।

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