केस बढ़े तो बिगड़ी व्यवस्था, कोरोना संक्रमित तक तीन दिन बाद पहुंचते हैं जिम्मेदार

जबलपुर शहर में सीमित संसाधनों के चलते आइसोलेट करने का समय बढ़ता जा रहा है

 

By: shyam bihari

Published: 23 Aug 2020, 09:29 PM IST

जबलपुर। कोरोना मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या के बीच जबलपुर शहर में सरकारी व्यवस्था लखड़ाने लगी है। जैसे-जैसे कोरोना केस बढ़ रहे हैं संक्रमितों को अस्पताल में आइसोलेट करने का समय बढ़ता जा रहा है। पॉजिटिव आए लोगों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम दो से तीन दिन बाद तक पहुंच पा रही है। इससे संक्रमित विलंब से अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इधर, कई एमबीबीएस डॉक्टर्स के बांड अधूरा छोड़कर चले जाने से क्वारंटीन सेंटर में ड्यूटी डॉक्टर्स की संख्या घट गई है। शहर में कोविड केस का औसत सौ के करीब पहुंच गया है। लेकिन कोरोना मरीजों को घर से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए जिले में अब भी तीन एम्बुलेंस है। इन्हें एम्बुलेंस से कोविड सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले लोगों को भी घर तक छोड़ा जा रहा है। ऐसे में सिर्फ तीन एम्बुलेंस के भरोसे प्रतिदिन सौ से ज्यादा कोविड पॉजिटिव और डिस्चार्ज लोगों को लाने एवं छोडऩे की जिम्मेदारी से स्टाफ समय पर नए संक्रमित के घर तक पहुंच नहीं पा रहा है। कई-कई संक्रमितों तक उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट आने के तीन दिन तक एम्बुलेंस शिफ्ंिटग के लिए पहुंच नहीं पा रही है।

संक्रमण के फैलाव का खतरा
कोरोना की चपेट में आए लोगों को घर से अस्पताल शिफ्ट करने में हो रही देर से संक्रमण के फैलाव का खतरा बन गया है। विजय नगर निवासी संक्रमित मिले एक व्यक्ति की शिफ्ंिटग के लिए तीन दिन तक एम्बुलेंस नहीं आई। इस दौरान संक्रमित के परिवार के सदस्यों की लगातार घर से बाहर आवाजाही बनी रही। एक संक्रमित का आइसोलेशन परियड घर में ही पूरा हो गया है। उसके बाद संक्रमित के पास कोरोना केयर सेंटर से फोन कॉल आया। सदर में संक्रमित मिले एक व्यक्ति को भी दो दिन बाद अस्पताल पहुंचाया जा सका। इस दौरान परिवार के बाकी सदस्य क्वारंटीन नहीं हुए। कोविड मरीज को लेने के लिए जब एम्बुलेंस आई तब पड़ोसियों को जानकारी हुई। कोविड केस की शिफ्ंिटग में देर और परिजनों के क्वारंटीन नहीं होने से संक्रमण के फैलाव का नया खतरा बन गया है। कोरोना मरीज बढऩे के साथ कोविड केयर और क्वारंटीन के लिए बिस्तर बढ़ाने की कवायद चल रही है। इधर, आइसोलेशेन और क्वारंटीन सेंटर में ड्यूटी पर तैनात किए गए कई एमबीबीएस डॉक्टर्स ने बांड बीच में ब्रेक कर दिया है। सूत्रों के अनुसार कोविड केयर सेंटर के लिए नियुक्त हुए कुछ एमबीबीएस डॉक्टर्स का पीजी में चयन हो गया। आगे की पढ़ाई के लिए कोविड ड्यूटी छोड़ दी है। इससे सुखसागर कोविड केयर और क्वारंटीन सेंटर में आठ डॉक्टर ही बचे हैं। सबसे ज्यादा समस्या ज्ञानोदय क्वारंटीन सेंटर में हो गई है। जहां सिर्फ तीन डॉक्टर ही बचे है। जबकि सेंटर में एक सिम्प्टोमेटिक कोरोना संक्रमित के साथ संदिग्ध लक्षण वाले भर्ती मरीजों की संख्या सौ के करीब पहुंच गई है।

shyam bihari Desk
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