यहां अचानक टूट पड़ा कोरोना का कहर

जबलपुर में पहले 100 संक्रमित 46 दिन में मिले, 19 दिन में 200 हो गए

By: shyam bihari

Updated: 24 May 2020, 09:19 PM IST

जबलपुर। कोरोना संक्रमण के दौर में जैसे-जैसे समय बीत रहा है संक्रमित घटने के बजाय बढ़ते जा रहे हैं। शहर में दुबई, लंदन के रास्ते आए संक्रमण की चपेट में धीरे-धीरे कई इलाके आ गए हैं। शुरुआती दौर में करीब एक माह तक एक दिन के अंतराल में इक्का-दुक्का संक्रमित मिले। लेकिन, जैसे ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा 50 पार हुआ संक्रमण का तेजी से फैलाव हुआ। उसके बाद हर 9-10 दिन में 50 नए कोरोना केस सामने आने लगे। कोरोना वायरस कितनी तेजी से जड़े मजबूत कर रहा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में पहले 100 पॉजिटिव केस करीब 46 दिन में मिले। उसके बाद अगले 19 दिन में ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर दो सौ पार हो गई। लगातार संक्रमित मिलने के बीच कम संख्या में नमूनों की जांच से खतरा बढ़ता जा रहा है।
जबलपुर जिले में कोरोना ट्रेंड
- 20 मार्च को एक साथ चार पॉजीटिव केस मिले। विदेश के रास्ते संक्रमण की शहर में एंट्री हुई।
- 19 अप्रैल को कोरोना से पहली मौत हुई। उसके बाद घनी बस्तियों में संक्रमण का तेज फैलाव।
- 10 मई को नई दिल्ली और कोलकाता से आए दो लोग संक्रमित मिले। अब बाहर से आने वालों से खतरा।
ऐसा रहा कोरोना ग्राफ
तिथि - कुल संक्रमित - कुल दिन
20 मार्च- 04 - दस्तक हुई
25 अप्रैल- 50 - 37
4 मई- 100 - 9
13 मई- 150 - 9
23 मई- 200 - 10

इन इलाकों लगातार मामले
गोहलपुर-अमखेरा: 26 संक्रमित
चांदनी चौक, हनुमानताल : 42 संक्रमित
बहोराबाग-रद्दी चौकी : 10 संक्रमित
मिलोनीगंज- 9 संक्रमित
ठक्करग्राम- 9 संक्रमित
सिंधी कैम्प-मदार टेकरी- 8

नए इलाकों में संक्रमण ने बढ़ाई चिंता
जबलपुर के ंसंवदेनशील क्षेत्रों से सटी घनी बस्तियों के साथ ही नए इलाकों में कोरोना की बीते कुछ दिनों में दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। सूजी मोहल्ला, मोतीनाला, अधारताल, बेलबाग टोरिया, रांझी जैसी जगह और ग्रामीण क्षेत्रों में कुंडम तक नए संक्रमित मिले हैं। लॉकडाउन में ढिलाई के बाद बाहरी प्रदेशों से छात्र-छात्राओं, मजदूरों सहित अन्य लोग लगातार जिले में लौट रहे हैं। अब इनसे संक्रमण फैलने का खतरा बन रहा है। इसके अलावा कंटनमेंट क्षेत्र और पूर्व संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों के पॉजिटिव मिलने का सिलसिला जारी है। सराफा और रानीताल के सर्वोदय नगर कंटनमेंट क्षेत्र में ही थोड़ी राहत है। जबलपुर जिले में संक्रमण से पहली मौत 19 अप्रैल को हुई थी। लेकिन कोरोना कहर मई में बरपाा। इस महीने अभी तक कोरोना से नौ व्यक्ति दम तोड़ चुके है। बीते 20 दिन में यह सभी मौते हुई हैं। इसमें 23 मई को कोरोना से दम तोडऩे वाली उत्तर प्रदेश निवासी डेढ़ वर्षीय बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा कोरोना को मात देने के दो दिन बाद ही सिहोरा तहसील निवासी एक महिला दूसरी बीमारियों से जिंदगी हार गई थी। जिले के रेकॉर्ड में दर्ज संक्रमण से नौ मौत में छह कोरोना हॉट स्पॉट के रहने वाले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की कवायद फेल
कोरोना संक्रमण के फैलाव के साथ उसके रोकथाम के लिए अपनाई गई स्वास्थ्य विभाग की कवायद फेल होती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले कॉन्टेक्ट और ट्रैवल हिस्ट्री ट्रेस करने के साथ ही सर्वे के जरिए संदिग्धों की पहचान कर संक्रमण रोकने की मुहिम चलाई। सर्वे में सही जानकारी हासिल नहीं कर पाने के चलते कंटनमेंट क्षेत्र में कई संक्रमित छिपे रह गए। शहर के जिन इलाकों में तेजी से संक्रमण फैला और अभी तक कोरोना हॉट स्पॉट बने हुए है, वहां तक संक्रमण कैसे पहुंचा, यह पता करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है। कोरोना संक्रमण से दम तोडऩे वाली पहली संक्रमित में संक्रमण के स्त्रोत का पता, उसकी मौत के एक महीने बाद भी ज्ञात नहीं है।
संदिग्धों के नमूनों की कम संख्या
जबलकपुर शहर में संक्रमण के शुरुआती दौर में चुनिंदा नमूने ही जांच के लिए भेजे जा रहे थे। इसमें इक्का-दुक्का संक्रमित मिल रहे थे। पचास संक्रमित मिलने के बाद जब जांच के लिए भेजे जाने वाले नूमनों की संख्या बढ़ाई गई तो नए पॉजिटिव केस मिलने लगे। अब जबकि संक्रमण के मामले बढ़ रहे है जांच के लिए लिए जाने वाले नमूनों की संख्या नहीं बढ़ाई जानेे पर सवाल उठ रहे है। अभी प्रतिदिन औसतन नमूनों की जांच का आंकड़ा सवा सौ से डेढ़ सौ के बीच बना हुआ है। जबकि इंदौर-भोपाल जैसे शहरों में प्रतिदिन औसतन पांच सौ से ज्यादा नमूनों की जांच की जा रही है।

ये लापरवाही बन सकती है मुसीबत
- बाहर निकलने पर कुछ लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं।
- बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं हो रहा।
- संवदेनशील क्षेत्रों में प्रतिबंधित दुकानें भी खुल रही हैं।
- दूसरे शहरों से लौट रहे लोग क्वारंटीन नियम नहीं मान रहे।
- संदिग्ध लक्षण होने पर भी जांच कराने में लेटलतीफी।
- बार-बार हाथ धोने और साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख रहे।
- बिना कारण घर से बाहर निकलकर घूमना-फिरना।

shyam bihari Desk
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