कोरोना योद्धाओं के लिए सरकार का बड़ा फैसला, डॉक्टर नर्स अब रहेंगे यहां, करेंगे आराम

कोरोना योद्धाओं के लिए सरकार का बड़ा फैसला, डॉक्टर नर्स अब रहेंगे यहां, करेंगे आराम

 

By: Lalit Sharma

Published: 27 May 2020, 11:32 AM IST

जबलपुर। कोरोना संक्रमितों की देखभाल करने वाले जिन डॉक्टर्स और नर्सेस का हौसला बढ़ाए रखने के लिए अभी तक होटल में ठहरने की सुविधा दी गई थी, उसे जिला प्रशासन ने वापस ले लिया है। प्रशासन की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के बाद कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद क्वारंटीन डॉक्टर्स और नर्सेस को होटल से निकालने की तैयारी हो गई है। मेडिकल स्टाफ के क्वारंटीन के लिए शहर में सरकारी विभागों के अंतिथि गृहों को चिन्हित किया गया है। इसमें डॉक्टरों के लिए एसी और नर्सेस के लिए नॉन एसी रूम निर्धारित किए गए हैं। अब कोरोना ड्यूटी के बाद और घर जाने के पहले डॉक्टर एवं नर्स इन्हीं अतिथि आवासों में क्वारंटीन होंगे।

कोरोना मोर्चे पर डटे डॉक्टर व नर्स होटल के बजाय अब सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरेंगे

जिला प्रशासन का निर्णय, डॉक्टर को एसी और भरी गर्मी में नर्सेस को मिलेगा नॉन एसी रूम

 

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खर्च बढऩे की चिंता
सूत्रों के अनुसार आर्थिक मोर्चा कमजोर होने पर अब विभिन्न सुविधाओं पर खर्च की जाने वाली राशि में कटौती शुरू की गई है। अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित की ओर से भी डॉक्टर और नर्सेस के क्वारंटीन के लिए सरकारी अतिथि गृहों की सूची जारी करने के साथ विभिन्न होटल की व्यवस्था पर व्यय होने का हवाला दिया है।

कोविड स्टाफ के लिए चयनित क्वारंटीन सेंटर - शासकीय विश्राम गृह डॉक्टरों के लिए
- ऑफिसर्स मेस, मप्र राज्य विद्युत मंडल-रामपुर - 3 एसी रूम
- ऑफिसर्स गेस्ट हाउस, मप्रराविमं-रामपुर - 6 एसी रूम
- हॉस्टल बिल्ंिडग, मप्र राज्य विद्युत मंडल-रामपुर - 6 एसी रूम
- गेस्ट हाउस, वन मंडलाधिकारी-कटंगा - 5 एसी रूम
- गेस्ट हाउस, एसएफआरआइ-पोलीपाथर - 5 एसी रूम
- गेस्ट हाउस, जेएनकेवीवी-अधारताल - 10 एसी रूम
- हॉस्टल बिल्ंिडग, राज्य ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान-अधारताल - 10 नॉन एसी रूम
नर्सेस के लिए
- हॉस्टल बिल्ंिडग, मप्र राज्य विद्युत मंडल-रामपुर - 12 नॉन एसी रूम
- गेस्ट हाउस, जेएनकेवीवी-अधारताल - 18 एसी रूम
- हॉस्टल बिल्ंिडग, राज्य ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान-अधारताल - 60 नॉन एसी रूम

 

Coronavirus

सरकारी अस्पताल में ही इलाज पर जोर
सरकार ने कोरोना की लड़ाई में भी अब मरीजों के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों को केंद्र बनाना शुरूकिया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्तमुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोरोना मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों और क्वारंटीन सेंटर में रखने पर अतिरिक्तखर्च आने की बात कही है। एसीएस ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को कोविड-19 पॉजीटिव केस के उपचार के लिए और सरकारी स्कूल, सामुदायिक एवं पंचायत भवनों को क्वारंटीन सेंटर के रुप में तैयार करने के कहा है। अभी इन संस्थाओं को करीब एक हजार रुपए प्रति बेड प्रतिदिन की दर राशि का भुगतान किया जा रहा है।

Lalit Sharma Desk
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