भावांतर योजना में पकड़ी गई बड़ी गड़बड़ी, ये व्यापारी हेराफेरी करके कर रहे थे लाखों की कमाई, देखें वीडियो

फर्जी दस्तावेज से कराया था रजिस्ट्रेशन

By: deepankar roy

Published: 09 Dec 2017, 08:18 AM IST

 

जबलपुर/सिहोरा। प्रदेश में किसानों के फायदे के लिए चलाई जा रही भावांतर योजना में शुक्रवार को बड़ी गड़बड़ी सामने आयी। मामला जिले की सिहोरा कृषि उपज मंडी का है। जहां, तीन किसान फर्जी दस्तावेज के जरिए व्यापारियों की उड़द बेच रहे थे। इस सौदे पर अधिकारियों को संदेह हुआ तो उन्होंने किसानों के पंजीयन की जांच की। जांच में किसानों का पंजीयन कटंगी का निकला। बही में भी उड़द की बोवनी का कोई रिकॉर्ड नहीं था। जिस व्यापारी का माल किसानों ने मंडी के लिए लाया था उसके गोदाम की जांच कराने पर स्टॉक भी कम मिला। इसके बाद मंडी सचिव ने 88 क्ंिवटल उड़द और किसानों के दस्तावेज जब्त कर लिए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

कटनी सोसायटी और समितियों की मुहर
कृषि उपज मंडी सचिव केपी चौधरी के अनुसार सूचना मिली थी कि एक व्यापारी का माल लेकर तीन किसान भावान्तर योजना में बेचने मंडी आए हैं। सूचना पर सचिव उड़द के शेड में पहूंचे। तीन किसान व्यापारी को उड़द बेच रहे थे। उड़द की नीलामी के बाद सचिव ने किसानों के रजिस्ट्रेशन की जांच करने पर कटंगी ने निकले। ऋण पुस्तिका में किसान की जमीन में उडद की पैदावार नही थी। वही किसान जिन बोरों में उड़द लेकर आए थे। उसमें कटनी सोसायटी और अन्य समितियों की सील लगी थी।

ऋण पुस्तिका भी जप्त
नही बता पाए कहां से लेकर उपज- पूछताछ के दौरान किसान उड़द कहां से लेकर आए, इसकी जानकारी नही पाए। किसान हरनारायण दुबे ग्राम किन्गी से 25 क्विंटल, संतोष अग्रवाल ग्राम खिन्नी 12 क्विंटल और जय कुमार ग्राम ढोला से 51 क्विंटल उड़द का पंचनामा बनाकर जप्त कर लिया। रजिस्ट्रेशन और ऋण पुस्तिका जप्त कर ली। पकड़े गए माल की कीमत 2 लाख 64 हजार है।

स्टॉक और ब्योरे में मिला फर्क
मंडी सचिव और अधिकारी खितौला में व्यापारी गोविन्द ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान जांच के लिया पहूँचे, जहां से उड़द किसानों को बेचने के लिए आई थी। स्टॉक पंजी और बोरियों की जांच करने पर अन्तर मिला।

पहले भी मच चुका है बवाल
प्रदेश सरकार ने किसानों को फायदे के लिए फसल खरीद में भावांतार योजना लागू की है। इसके तहत किसानों को उपज की बेहतर कीमत दिलाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में योजना के लागू होने के साथ ही किसान इसका विरोध कर रहे है। व्यापारियों के एकजुट होकर काम किए जाने के चलते भावांतर योजना में किसान लुट रहे है। इस पर पहले भी नरसिंहपुर सहित कई जिलों में प्रदर्शन हो चुका है।

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deepankar roy Reporting
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