करोड़ों के जलशोधन संयंत्र, फिर भी गंदा पानी पिला रहे हैं जिम्मेदार

करोड़ों के जलशोधन संयंत्र, फिर भी गंदा पानी पिला रहे हैं जिम्मेदार
water

Shyam Bihari Singh | Publish: Jun, 10 2019 08:00:00 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की नहीं हो रही मरम्मत

नगर निगम के जलशोधन संयंत्रों की क्षमता
- 220 एमएलडी रमनगरा
- 55 और 42 एमएलडी ललपुर
- 70 एमएलडी रांझी,
जल शोधन के लिए आवश्यक सामग्री (प्रतिदिन)
- 15 टन एलम
- 1 टन लाइम
- 643 किलो क्लोरीन (लगभग)
एलम का उपयोग (प्रति घंटे किलो में)
- 120 रांझी
- 80 भोंगाद्वार
- 160 ललपुर
- 200 रमनगरा
लाइम का उपयोग
- 50-90 किलो प्रति घंटा
जबलपुर। शहर में जलापूर्ति के लिए नगर निगम प्रशासन ने करोड़ों रुपए की लागत से चार जलशोधन संयंत्र बनाए हैं। इनमें पानी को शुद्ध करने के लिए प्रतिदिन 15 टन एलम, एक टन लाइम और 643 किलो क्लोरीन का उपयोग किया जाता है। इसके बावजूद लोगों को साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है।
पाइप लाइन की नहीं हो रही मरम्मत
पाइप लाइन में लीकेज से रांझी सहित लालमाटी, सिद्धबाबा और कांचघर इलाकों में नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। यहां के लोगों ने नगर निगम के जल विभाग सहित जनप्रतिनिधियों से भी कई बार गुहार लगाई। जनप्रतिनिधियों की फटकार के बाद भी जिम्मेदार न तो क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को बदल रहे हैं और न ही मरम्मत करा रहे हैं। इससे शहरवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
मानक से ज्यादा पाए गए थे बैक्टीरिया
शहर के कई इलाकों में जल जनित बीमारियां होने पर छह महीने पहले एक टीम ने शहरभर से पानी के सैम्पल एकत्र कर पीएचइ की लैब में जांच कराया था। इसमें तय मानकों से काफी ज्यादा बैक्टीरिया पाए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बैक्टीरिया युक्त पानी पीना जनलेवा भी हो सकता है।

बैक्टीरिया युक्त पानी पीने से स्वास्थ्य को तात्कालिक नुकसान पहुंचता है। दीर्घकालिक समस्या भी हो सकती है।
डॉ. प्रशांत पुणेकर, मेडिसिन विशेषज्ञ

पेयजल में कोलीफार्म, ई कोलाई बैक्टीरिया होने पर संक्रमण, डायरिया, पेट दर्द, बुखार, उल्टी, टायफाइड और आंतों में सूजन की समस्या हो सकती है। लम्बे समय तक इस प्रकार का दूषित पानी पीने से किडनी की बीमारी भी हो सकती है।
विनोद दुबे, भूजलविद्, रसायनज्ञ

शहर में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त कराया जाएगा। आवश्यक होने पर बदला भी जाएगा। जिन क्षेत्रों में दूषित पानी पहुंच रहा है, वहां अविलम्ब पाइप लाइन की मरम्मत कराई जाएगी।
जीएस नागेश, अपर आयुक्त, नगर निगम

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned