शहीद की मां को नहीं विश्वास की उसका लाडला शहीद हो गया

शहीद की मां को नहीं विश्वास की उसका लाडला शहीद हो गया
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Sudarshan Kumar Ahirwar | Updated: 18 Feb 2019, 07:00:00 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

पिता-भाइयों की गम में पथराईं आंखें

जबलपुर. सिहोरा. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद खुड़ावल के शहीद अश्वनी काछी की राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई जरूर हो गई, लेकिन देश की रक्षा में बेटे को खोने वाली मां को यह विश्वास नहीं हो रहा कि उसका लाड़ला इस दुनिया में नहीं रहा। रविवार को शहीद अश्वनी के घर खामोशी के साथ सुबह की शुरुआत हुई।

गांव के लोग सुबह चाय लेकर घर पहुंचे। बुजुर्ग पिता सुकरू काछी कांपते पैरों से बेटों का सहारा लेकर घर की परछी में आकर बैठ गए। बेटे के गम में रोते-राते उनकी आंखों के आंसू सूख चुके थे। यही हाल बड़े बेटे सुमंत, मंझले अनिल और संझले अवधेश का था। बेटी ललिता माता कौशल्या को सहारा देकर परछी में लेकर लायीं। हाल ही में आंखों का ऑपरेशन होने से कौशल्या को साफ दिखाई नहीं दे रहा था। पति और तीनों बेटों को एक साथ बैठे देख शहीद बेटे के जीवित होने के भाव जरूर आए, लेकिन जल्द ही संभल कर बोली मेरा बेटा कहीं नहीं गया है। भारत माता उसे खिला रही है। वह जल्द घर वापस आएगा।

दिन चढऩे के साथ शहीद के घर शोक व्यक्त करने वालों का पहुंचना शुरू हो गया। कदम संस्था जबलपुर के प्रतिनिधि खुड़ावल गांव पहुंचे। शहीद मेजर अमित ठेंगे स्मृति समिति छिंदवाड़ा के मधुकर राय ठेंगे ने पहुंचकर शोक संवेदना के साथ 25 हजार रुपए का चेकपिता को प्रदान किया।

अस्थि कलश आज रवाना होगा प्रयागराज
शहीद अश्वनी काछी की अस्थियों का संचय सोमवार को शहीद के परिजन द्वारा करने के बाद अस्थि कलश गंगा में विसर्जन के लिए प्रयागराज रवाना होगा। अस्थि कलश इसके पहले आमजन के दर्शन के लिए शहीद के पैतृक ग्राम खुड़ावल और सिहोरा में रखा जाएगा।

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