सीएस दो दिन के अंदर बताएं कैसे लगा रहे अर्जुन सिंह की मूर्ति

हाईकोर्ट सख्त, पांच दिसम्बर तक जवाब देने को कहा

By: prashant gadgil

Published: 03 Dec 2019, 08:04 PM IST

जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा हटाकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की मूर्ति लगाने के मसले पर गम्भीरता दिखाई। जस्टिस संजय यादव व जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बेंच ने चीफ सेक्रेटरी (सीएस) को मामले पर दो दिन के अंदर यह बताने को कहा कि सुको के दिशानिर्देश के बावजूद एेसा क्यों हो रहा है? कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए कहा कि पांच दिसम्बर तक जवाब पेश नहीं किया गया, तो सीएस के खिलाफ सख्त आदेश पारित किया जाएगा।
यह है मामला
राइट टाउन, जबलपुर निवासी अधिवक्ता ग्रीष्म जैन ने याचिका दायर कर कहा कि भोपाल के टीटी नगर लिंक रोड स्थित नानके पेट्रोल पम्प चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की दस फीट ऊंची मूर्ति लगाई जा रही है। जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में सड़क या सरकारी जगह पर नेताओं की मूर्ति लगाना प्रतिबंधित कर रखा है। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने भी राज्य के चीफ सेक्रेटरी को इस आदेश का पालन करने का आदेश दिया था। तर्क दिया गया कि तीन साल पूर्व जिस जगह से यातायात और ट्रैफिक व्यवस्था का हवाला देते हुए शहीद चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति हटाई गई थी, वहां फिर मूर्ति लगाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन व अवमानना है। मंगलवार को अतिरिक्त महाधिवक्ता शेखर शर्मा ने सीएस के जवाब के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।

छिंदवाड़ा में भी लगा दी इंदिरा गांधी की मूर्ति
अधिवक्ता सतीश वर्मा ने कोर्ट को बताया कि याचिका दायर होने के बाद इसी तरह सुको के निर्देशों की अवहेलना कर छिंदवाड़ा में भी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा लगा दी गई। इसका अनावरण मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया। कोर्ट ने उन्हें इस सम्बंध में शपथपत्र पेश करने को कहा।

prashant gadgil Desk
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