दहेज प्रताडऩा से तंग महिला ने कर ली आत्महत्या, आरोपी पति पहुंचा सलाखों के पीछे

दहेज प्रताडऩा से तंग महिला ने कर ली आत्महत्या, आरोपी पति पहुंचा सलाखों के पीछे

By: tarunendra chauhan

Published: 13 Jun 2019, 10:35 AM IST

जबलपुर. पनागर थाना अंतर्गत दहेज प्रताडऩा के चलते महिला के फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रकरण सामने आया है। नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल कौशल सिंह ने बताया कि थाना पनागर में 7 जून को रात 1 बजे शंकर केवट(31) निवासी रैपुरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 जून को रात 11.45 बजे अपनी पत्नी मंजू केवट(19) को खाना न देने की बात पर डांटा तो पत्नी कमरे के अंदर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब आधे घंटे तक दरवाजा नहीं खोला तो उसने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर पत्नी जमीन पर बेहोश हालत में पड़ी थी और मुंह से झाग निकल रहा था। पत्नी को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने परीक्षण उपरांत मृत घोषित कर दिया। पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए मर्ग कायम कर मामले को जांच मे लिया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मृतका की मृत्यु फांसी लगाने से होना लेख किया गया। मृतका के मायके पक्ष के कथन लिए गए। मायके पक्ष के लोगों के बयान में पाया गया कि मंजू केवट की शादी मई 2013 में सामाजिक रीति-रिवाज से शंकर केवट से हुई थी। शादी के बाद से ही शंकर दहेज की मांग करते हुए पत्नी मंजू के साथ मारपीट कर प्रताडि़त करता था। मृतिका के पिता ने रैपुरा में एक मकान बनाकर एवं एक मोटर सायकिल खरीदकर शंकर केवट को दे दी, इसके बाद वह फिर दहेज की मांग करने लगा तो मृतका के पिता ने शंकर केवट को 25 हजार रुपए देकर कपड़े का व्यवसाय शुरू करवा दिया। कुछ दिन बाद से ही शंकर केवट व्यापार बढ़ाने के लिए पिता से 50 हजार रुपए मांगने को कहने लगा मांग पूरी करने से मना करने पर आए दिन मारपीट कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडित करता था । 6 जून को भी रात 8.30 बजे मंजू के साथ शंकर केवट ने मारपीट की थी।

सम्पूूर्ण जांच पर पति श्ंाकर केवट द्वारा दहेज में रुपए की मांग कर आए दिन शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडि़त कर आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करना जिससे मंजू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 11 जून को आरोपी पति के विरुद्ध धारा 498ए, 304बी, भादवि एवं 3, 4 दहेज एक्ट का अपराध आरोपी शंकर केवट निवासी कारीवाह रोड रैपुरा को अभिरक्षा में लेते हुए प्रकरण विवेचना में लिया गया है।

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