तालाब में अपने आप उतरा रही थी मछलियां, देखकर दंग रह गए लोग

तालाब के पानी में अचानक हजारों की संख्या में मछलियां मर गईं

By: amaresh singh

Published: 25 Apr 2018, 12:16 PM IST

जबलपुर। गोकलपुर तालाब के जलीय जीवों पर संकट मंडरा रहा है। तालाब के पानी में अचानक हजारों की संख्या में मछलियां मर गईं। तालाब के तटीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होने से आसपास के इलाकों में दुर्गंध फैल रही है। इससे लोगों का घरों में रहना मुहाल हो गया है। मछलियों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। तालाब के पानी में बढ़ते प्रदूषण और सफाई नहीं होने को भी मछलियों की मौत का कारण माना जा रहा है।


नजर आने लगीं हैं मरी मछलियां
तालाब के तटीय क्षेत्र उदय नगर और रामनगर सहित अन्य जगहों पर सोमवार शाम से मरी हुई मछलियां नजर आने लगीं। अचानक इतनी तादाद में मछलियों के मरने से स्थानीय लोग भी स्तब्ध रहे। मरी मछलियों की संख्या बहुत अधिक होने से इससे आसपास के क्षेत्र में बदबू फैलने लगी। कई लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। यह स्थिति सोमवार और मंगलवार को दिनभर रही। इसकी शिकायत उन्होंने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग से की लेकिन कोई निराकरण नहीं हो सका।


बड़ा मछली पालन केंद्र
गोकलपुर तालाब बड़ा मछली पालन केन्द्र है। मछुआ मजदूर सहकारी समिति फूटाताल को इसका ठेका दिया गया है। समिति में ८५ से अधिक मछुआरे पंजीकृत हैं। तालाब से प्रतिदिन २ से ३ क्विंटल मछली निकाली जाती है। इसकी कीमत ५० हजार से अधिक होती है। मछली पालन के साथ तालाब की सफाई भी समिति के मछुआरे करते हैं। वर्तमान में तालाब की सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़़ती जा रही है। तालाब में आसपास के रहवासी इलाकों के अलावा कई नालों का पानी भी मिलता है। इससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है।

सफाई का काम प्रारंभ
तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां मरी हैं। क्षेत्रीय लोगों ने गंदगी फैलने की शिकायत की थी। इसकी जानकारी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को दी है। तालाब के मछुआरों ने भी सफाई का काम प्रारंभ किया है।
राजेश यादव, पार्षद गोकलपुर वार्ड

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