इस नदी के किनारे मजाक करने वाले की हो जाती है मौत

इस नदी के किनारे मजाक करने वाले की हो जाती है मौत

By: Lalit kostha

Published: 24 May 2018, 10:14 AM IST

जबलपुर. भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए ग्वारीघाट, तिलवाराघाट समेत सभी प्रमुख नर्मदा तटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ स्नान, रेवा दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। जबकि कुछ लोग तैराकी सीखने भी आते हैं। वहीं अधिकतर लोग मौज मस्ती मजाक करने के उद्देश्य से यहां आते हैं, जो मजाक मजाक में मौत के करीब पहुंच जाते हैं। खतरे का अंदाजा न होने के कारण लोग गहराई में पहुंच जाते हैं। डूबने की स्थिति में उन्हें बचाने के लिए अधिकतर तटों पर न तो गोताखोरों की तैनाती की गई है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। खतरे से अलर्ट करने के लिए संकेतक और सूचना पटल भी नहीं लगाए गए हैं। जिन तटों पर नाविक मौजूद रहते हैं, वे स्वप्रेरणा से लोगों की मदद करते हैं। जिन तटों पर नाविक नहीं होते, वहां गोताखोर की भी तैनाती नहीं की गई है।

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नगर निगम, पुलिस, होमगार्ड व सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा की नर्मदा तटों मेंं सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। जिससे लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके।
- छवि भारद्वाज, कलेक्टर

ये है स्थिति

ग्वारीघाट
15-20 हजार लोग औसतन पहुंच रहे रोजाना
25-30 हजार लोग पहुंचते हैं मंगलवार व शनिवार को
02 गोताखोरों की तैनाती है मोटर बोट पर (अधिकांश समय निष्क्रिय)
150 से ज्यादा नाविक तटों पर स्वप्रेरणा से करते हैं लोगों की मदद

तिलवाराघाट
8-10 हजार लोग औसतन आते हैं रोजाना
15-20 हजार लोग मंगलवार और शनिवार को आते हैं
पर्व पर लाखों में हो जाती है संख्या
गोताखोरों की व्यवस्था नहीं
25-30 नाविक स्वप्रेरणा से करते हैं लोगों की मदद

जिलहरी घाट
1500 से 2 हजार लोग पहुंचते हैं रोज
5-7 हजार श्रद्धालु आते हैं पर्व पर
गोताखोर की व्यवस्था नहीं
12-15 नाविक स्वप्रेरणा से करते हैं मदद

भटौली घाट
500 से एक हजार लोग औसतन पहुंचे हैं रोज
एक हजार से 1500 श्रद्धालु आते हैं पर्व पर
गोताखोर की व्यवस्था नहीं
1-2 नाविक रहते हैं मौजूद

लम्हेटा घाट
2-3 हजार लोग औसतन आते हैँ रोज
05 हजार श्रद्धालु पहुंचते पर्व पर
02 से 3 नाविक रहते हैं मौजूद
गोताखारों की व्यवस्था नहीं

पंचवटी तट
02 से 3 हजार पर्यटक पहुंचते हैं
05 हजार पर्यटक आते हैं छुट्टियों पर
खास मौकों पर लाखों की संख्या में आते हैं पर्यटक
20 नाविक स्वप्रेरणा से करते हैं लोगों की मदद

धुआंधार तट
05 से 6 हजार पर्यटक आतें हैं प्रतिदिन
10 हजार पर्यटक पहुंचते हैं छुट्टियों में
खास मौकों पर लाखों में हो जाती है संख्या
एक गोताखोर की तैनाती

Lalit kostha Desk
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