जानबूझकर दुर्घटना दावा का भुगतान न करना सेवा में कमी, बीमा कंपनी चुकाए हर्जाना

बीमा कंपनी चुकाए हर्जाना, उपभोक्ता फोरम का आदेश

 

 

 

 

 

 

जिला उपभोक्ता फोरम ने जानबूझकर दुर्घटना दावा का भुगतान न करने के लिए बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। चेयरमैन राजेश श्रीवास्तव व सदस्य सुषमा पटैल की बेंच ने यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिया कि परिवादी को उसके दावे क ी रकम साढ़े 3 लाख रुपए का ब्याज सहित भुगतान किया जाए। मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के लिए ७ हजार रुपए हर्जाना भी चुकाया जाए।

By: Rahul Mishra

Updated: 07 Mar 2020, 11:43 PM IST

जबलपुर.

जिला उपभोक्ता फोरम ने जानबूझकर दुर्घटना दावा का भुगतान न करने के लिए बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। चेयरमैन राजेश श्रीवास्तव व सदस्य सुषमा पटैल की बेंच ने यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को आदेश दिया कि परिवादी को उसके दावे क ी रकम साढ़े 3 लाख रुपए का ब्याज सहित भुगतान किया जाए। मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के लिए ७ हजार रुपए हर्जाना भी चुकाया जाए।

 

मदन महल, जबलपुर निवासी रामेश्वर प्रसाद साहू की ओर से परिवाद दायर कर कहा गया कि 3 फरवरी 2016 को अचानक आग लगने के कारण उसका डम्पर जल गया। इस घटना की जानकारी अविलंब बीमा कंपनी को दी गई।कंपनी ने सर्वेयर नियुक्त कर अग्रिम कार्रवाई की । अधिवक्ता अरुण कुमार जैन, विक्रम जैन ने तर्क दिया कि प्रक्रिया पूरी करने के बाद बीमा कंपनी ने साढ़े 3 लाख रुपए के दावे का निर्णय लिया गया। लेकिन बाद में ड्रायवर का बयान विरोधाभासी होने के आधार पर दावे की राशि का भुगतान न करने का फैसला ले लिया गया। इस तरह नो क्लेम करने का रवैया सेवा में कमी के दायरे में आता है । उन्होंने तर्क दिया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत यह अनुचित व्यापार प्रथा के अंतर्गत है। सहमत होकर कोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह हर्जाने व ब्याज सहित दावे की राशि का भुगतान करे।

Rahul Mishra Reporting
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