mp की इस सडक़ पर उतरेंगे फाइटर प्लेन, विदेशी तकनीक से बन रहा है यह एक्सप्रेस वे

प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेस महाकौशल क्षेत्र के साथ ही पूरे मध्यप्रदेश का नक्शा ही बदल देगी। यह प्रदेश की पहली ऐसी सडक़ होगी जहां प्लेन उतर सकेंगे।

By: deepak deewan

Published: 11 Dec 2017, 07:57 AM IST

जबलपुर . यह एक्सप्रेस देश में ही नहीं बल्कि विदेशों के लिए भी मिसाल बनेगी। प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेस महाकौशल क्षेत्र के साथ ही पूरे मध्यप्रदेश का नक्शा ही बदल देगी। यह प्रदेश की पहली ऐसी सडक़ होगी जहां प्लेन उतर सकेंगे। सामान्य पैसेंजर प्लेन ही नहीं इस एक्सप्रेस वे पर फाइटर प्लेन भी उतर सकेंगे। रनवे के रूप में ही उपयोग आनेवाली इस सडक़ के लिए तेजी से प्रक्रियाएं पूरी की जा रहीं हैं।


चार टीमें कर रहीं हैं सर्वे
३१ हजार करोड़ के प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेस-वे को लेकर फिजिबिलिटी सर्वे कर रही एजेंसी तीन स्तरों पर आंकड़े जुटा रही है। इस सर्वे में ट्रैफिक दबाव सहित पेड़ों और बिजली पोल की शिफ्टिंग, मकान व दुकानों की संख्या जुटाई जा रही है। इसके अलावा पुल, ओवरब्रिज व फ्लाईओवर बनाने का भी आंकलन होगा। सर्वे का ठेका लेने वाले भोपाल के एलएल मालवीय ग्रुप की तरफ से सर्वे में अलग-अलग चार टीमों को लगाया गया है।


प्रदेश की रीढ़ बनेगा एक्सप्रेस-वे
एक्सप्रेस-वे इस तरह होगा कि जरूरत के समय इस पर सेना के फाइटर प्लेन भी उड़ान भर सकें। नर्मदा एक्सप्रेस-वे निर्माण की घोषणा नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। उन्होंने कहा था कि मां नर्मदा जीवनदायनी हैं, तो एक्सप्रेस-वे प्रदेश की रीढ़ बनेगा। फिजिबिलिटी सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए मप्र रोड डेवलेपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी) से अनुबंधित एलएल मालवीय ग्रुप ने १५ नवम्बर से काम शुरू करा दिया है। नर्मदा के उद्गम अमरकंटक से गुजरात की सीमा अंकलेश्वर तक प्रस्तावित छह लेन एक्सप्रेस की लम्बाई करीब 1200 किमी होगी।


ये होगा फायदा
टूरिस्ट स्पॉट जुड़ेंगे- अमरकंटक, कान्हा, भेड़ाघाट, पचमढ़ी, नेमावर, सिंगाजी मंदिर, हनुवंतिया, ओंकालेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, बावनगजा।
सडक़ किनारे ये बनेंगे- लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक केंद्र, कृषि उत्पाद केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण केंद्र, रिसॉर्ट एवं मनोरंजन केंद्र, कम्युनिकेशन केंद्र बनेंगे।
२९ शहरों को होगा फायदा- नर्मदा एक्सप्रेस-वे बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस एक्सप्रेस-वे से डिंडोरी, जबलपुर, होशंगाबाद, खंडवा, ओंकारेश्वर, महेश्वर, खलघाट, ठिकरी, बड़वानी, आलीराजपुर सहित प्रदेश के २९ जिले जुड़ेंगे। एमपीआरडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर पीके जोशी बताते हैं कि एलएम मालवीय कम्पनी को मई २०१८ में फिजिबिलिटी सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार करना है। इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए तीन हजार करोड़ रुपए पहले से मंजूर है।

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