कहानी का शीर्षक है 'यह मेरा विषय नहीं है

मप्र भाजपा के अध्यक्ष पद से हटाए गए राकेश सिंह को लेकर जबलपुर में हो रही चर्चा

 

जबलपुर। भाजपा ने मप्र इकाई के प्रमुख जबलपुर से सांसद राकेश सिंह को हटाकर खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को भाजपा मध्यप्रदेश का अध्यक्ष बनाया, तो तमाम तरह की चर्चाएं भी होने लगी हैं। राकेश सिंह जबलपुर के ही हैं। वीडी शर्मा की जबलपुर में ससुराल है। इसलिए जबलपुर में राजनीतिक चर्चाएं सरगर्म हैं। इन सबके बीच राकेश सिंह की एक बयान हर कोई कोड कर रहा है। राकेश सिंह से जब कोई पत्रकार कोई सवाल करता था, वे जबामें यह जरूर कहते थे कि यह उनका विषय नहीं है। इस जवाब ने राकेश सिंह को आम लोगों से तो नहीं, लेकिन पार्टी संगठन से बहुत दूर कर दिया था।

फिलहाल वीडी शर्मा के अध्यक्ष बनाए जाने पर राकेश सिंह ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने जबलपुर के सिविल लाइंस स्थित सांसद निवास में मिठाई बांटी। राकेश ङ्क्षसह ने कहा कि भाजपा ही एक मात्र राजनैतिक दल है जहा आंतरिक लोकतंत्र है और संगठन में चुनाव की प्रक्रिया है। सिंह ने कहा कि वीडी शर्मा के हाथों में प्रदेश भाजपा की कमान सौंपकर संगठन ने कुशल और सक्षम युवा और कर्मठ कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है और हम सभी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे और प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूत करेंगे।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जीएस ठाकुर, ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष तिवारी रानू, विधायक अजय विश्नोई, सुशील तिवारी, अशोक रोहाणी,पूर्व विधायक हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू, युवा मोर्चा अध्यक्ष रंजीत पटेल, एसके मुद्दीन, संदीप जैन, पंकज दुबे, श्रीकांत साहू, सुरेन्द्र सैनी, कुंवरपाल सिंह शेरू, संदीप राठौर,प्रमोद चोहटेल, कैलाश साहू, कमलेश अग्रवाल, सोनू बचवानी आदि उपस्थित थे।
एक वर्ष 9 माह और 26 दिन तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे राकेश सिंह
शहर से सांसद राकेश सिंह कुल 577 दिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। लोकसभा चुनाव में राकेश सिंह कांग्रेस नेता रामेश्वर नीखरा और विवेक तन्खा जैसे दिग्गजों को पटखनी दे चुके हैं। हालांकि, प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से उनकी संगठन क्षमता पर सवाल उठने लगे थे। लोकसभा चुनाव में भाजपा की वापसी हुई, लेकिन यह सफलता सिंह के खाते में नहीं गई। लम्बी रायशुमारी के बाद आखिरकार शनिवार को उनकी जगह वीडी शर्मा को प्रदेशाध्यक्ष बना दिया गया। इस परिवर्तन के बाद शहर में भाजपा और संगठन में राजनीति में भी अंदरूनी उथल-पुथल शुरू हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष पद से अलग किए जाने के बाद अब सांसद सिंह को केंद्र में नई जिम्मेदारी मिलने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
राजनीतिक सफर
- 1978 में गवर्नमेंट साइंस कॉलेज में छात्र रहते कार्यकारिणी सदस्य बने।
- 1978 में गवर्नमेंट साइंस कॉलेज से विश्वविद्यालय प्रतिनिधि बने।
- 1994 और 1999 के विधानसभा चुनाव (बरगी सीट) में भाजपा के चुनाव संचालक रहे।
- 2001 में भाजपा के ग्रामीण जिलाध्यक्ष नियुक्त हुए।
- 2004 से लगातार सांसद हैं। 2019 में चौथी बार सासंद चुने गए हैं।
- 2010 में भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोनीत हुए।
- 2016 में लोकसभा में भाजपा ने पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया।
- 2018 (18 अप्रैल) को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत हुए। 14 फरवरी, 2020 तक कार्यकाल रहा।

BJP
shyam bihari Desk
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