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नर्मदा तट जबलपुर में बनेगा वाटर प्लांट, 2048 तक की जनसंख्या की जरूरत करेगा पूरी

नर्मदा तट जबलपुर में बनेगा वाटर प्लांट, 2048 तक की जनसंख्या की जरूरत करेगा पूरी

जबलपुर

Published: October 23, 2021 11:46:31 am

प्रभाकर मिश्रा@जबलपुर। बरेला में जलसंकट से निपटने और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लिए नर्मदा तट सिलुआ घाट में 19.47 करोड़ रुपए की लागत से एक एमएलडी का जलशोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। प्लांट का निर्माण दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एशियन विकास बैंक की वित्तीय सहायता से स्थापित होने वाली जल प्रदाय योजना में निर्माता कम्पनी मेसर्स मल्टीअर्बन इंफ्रा नागपुर को अगले 10 साल तक मेंटेनेंस की भी जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में यहां के लोग ट्ïयूबवेल का फ्लोडराइड युक्त पानी और पुराने प्लांट का बिना शोधित पानी पीने को मजबूर हैं। फ्लोराइड युक्त पानी पीने से क्षेत्र के लोग दांत और हड्डियों से सम्बंधित बीमारियों से पीडि़त हो रहे हैं।

Drinking Water plant will be built in Narmada Jabalpur
Drinking Water plant will be built in Narmada Jabalpur

जलसंकट से निपटने की कवायद
बरेलावासियों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल

नर्मदा पर छठा प्लांट
जिले में पेयजल की पूर्ति के लिए अब तक नर्मदा नदी पर पांच प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इनमें ललपुर में नगर निगम के 2 प्लांट, रेलवे का एक प्लांट, रमनगरा में नगर निगम का एक प्लांट और लम्हेटाघाट में स्थापित एक प्लांट शामिल है। सिलुआ में बनने वाला प्लांट जिले में छठा प्लांट होगा।

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IMAGE CREDIT: patrika

पुराने प्लांट का होगा रिनोवेशन
बरेला में 1.3 एमएलडी का एक प्लांट पहले से स्थापित है। पुरानी तकनीक पर आधारित इस प्लांट में नहर से पानी लिया जाता है। प्लांट में डब्ल्यूएचओ के मापदंडों के अनुसार रॉ वाटर का ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है। योजना के तहत इस प्लांट का भी रिनोवेशन किया जाएगा। यहां एक एमएलडी का नया प्लांट बनने के बाद 2.3 एमएलडी पानी का ट्रीटमेंट हो सकेगा।

25 साल तक की जरूरत होगी पूरी
निर्माण एजेंसी पीआईयू के अधिकारियों ने बताया की नर्मदा के सिलुआघाट में ऐसे स्थान को इंटेकवेल स्थापित करने के लिए चुना गया है, जहां गहराई ज्यादा है और सालभर पानी रहता है। इस प्लांट से अगले 25 साल तक की पानी की जरूरत पूरी होगी।


बरेला क्षेत्र के लोग पीने के पानी के लिए भूगर्भीय जल पर निर्भर हैं। इसमें फ्लोराइड की अधिकता से लोगों को स्वास्थ्य सम्बंधी समस्या होती है। इसे देखते हुए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नर्मदा के सिलुआ घाट में एक एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाना है। प्लांट से अगले 25 साल तक क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
- अनिल नंदा, प्रोजेक्ट मैनेजर, पीआईयू

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