E-Courts Service App- एक टच में सामने होंगे देश भर की अदालतों में चल रहे मामले, ये हुआ बदलाव

एंड्रॉयड फोन पर चलेगा एप, मध्य प्रदेश सहित पूरे देश की निचली न्यायपालिका पूरी तरह से हुई हाईटेक

By: Premshankar Tiwari

Published: 11 Sep 2017, 12:06 PM IST

जबलपुर। न्यायजगत से जुड़े व न्यायपालिका की शरण में गए लोगों के लिए खुशखबरी है। देश की निचली न्यायपालिका पूरी तरह से हाईटेक हो गई है। जिला, तहसील अदालतों में पक्षकारों को अब अपने मुकदमों की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किस राज्य की किस अदालत में किस जज के समक्ष कितने और कौन-कौन से मामले सुने जाने हैं, यह पलक झपकते पता चल जाएगा। इसके लिए एंड्रॉयड फोन पर चलने वाले 'ई-कोर्ट सर्विस एपÓ की सुविधा मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में शुरू कर दी गई है।
ये सुविधाएं
जिला एवं तालुका/तहसील अदालतों के लिए बने इस एप में चार मुख्य टैब हैं। सीएनआर, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट व माय केसेज। सीएनआर टैब पर जाने से १६ डिजिट का (वर्णमाला व संख्यात्मक) अल्फान्यूमेरिक सीएनआर नम्बर डाल कर सर्च करने का ऑप्शन है। मप्र हाईकोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर इस एप का टैब विशेष रूप से शामिल कर प्रदेश की जिला व तहसील अदालतों को भी इससे जोड़ दिया है।
स्टेटस के लिए बताएं अदालत
सीएनआर नम्बर न मालूम होने की दशा में केस रजिस्ट्रेशन नम्बर, पक्षकारों के नाम, अधिवक्ता का नाम आदि जानकारियों के जरिए भी केस का स्टेटस, उसकी केस हिस्ट्री के साथ जान सकते हैं। केस स्टेटस टैब में अलग-अलग केस नम्बर, पार्टी, फाइ***** नम्बर, एफआईआर नम्बर, अधिवक्ता का नाम, केस से सम्बंधित अधिनियम, प्रदेश, जिला व केस के प्रकार की जानकारियों के आधार पर केस का स्टेटस, पुराने आदेश सहित पूरा रिकॉर्ड मिल जाता है। हर तरह के विकल्प में सम्बंधित अदालत का नाम बताना जरूरी होता है।
बिना शुल्क डाउनलोड
इस एप को गूगल प्ले स्टोर के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। यह नि:शुल्क है। डाउनलोडिंग के लिए सिर्फ एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत होती है। अभी तक इसे एक लाख से अधिक यूजर डाउनलोड कर चुके हैं। इस एप पर वकीलों व पक्षकारों का शुरुआती दौर में सकारात्मक फीडबैक आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में इसे लांच किया था, लेकिन सभी प्रदेश इससे नहीं जुड़ सके थे। बचे राज्यों के साथ मप्र हाईकोर्ट ने अधिनस्थ अदालतों की जानकारियों को लिंक करते हुए इसे सितम्बर की शुरुआत में वेबसाइट में शामिल कर किया है।
कॉज लिस्ट भी ऑनलाइन
इस एप में कॉज लिस्ट का टैब दिया गया है। इसके जरिए देश की किसी भी निचली अदालत के किसी भी जज के समक्ष प्रतिदिन लगने वाले मुकदमों की लिस्ट (कॉज लिस्ट) ऑनलाइन देखी जा सकेगी। इसके लिए यह एप न्यायाधीश का नाम, अदालत, व कॉज लिस्ट की तारीख मांगता है। इन्हें भरने पर वांछित कॉज लिस्ट सर्च की जा सकती है। इसके अलावा माय केसेज का टैब भी दिया गया है, जिसमें यूजर अपने न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारियां सेव व अपडेट कर सकता है।

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Premshankar Tiwari Desk
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