मोक्ष प्राप्ति के शुभ योग, एकादशी पूजन का सबसे श्रेष्ठ चौघडिय़ा- देखें पंचांग

मोक्ष प्राप्ति के शुभ योग, एकादशी पूजन का सबसे श्रेष्ठ चौघडिय़ा- देखें पंचांग

 

By: Lalit kostha

Published: 18 Dec 2018, 10:33 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2075, संवत्सर का नाम : विरोधकृत्, शाके संवत् : 1940, हिजरी संवत् : 1440, मु.मास: रवि उस्मानी: 10, अयन : दक्षिणायण, ऋतु : हेमंत, मास : मार्गशीर्ष, पक्ष : शुक्ल,
तिथि - नंदा तिथि एकादशी रात्रि 4.9 तक उपरांत भद्रा तिथि द्वादशी रहेगी। नंदा तिथि में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकते हैं, आज मोक्षदा एकादशी का व्रत अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है, आज ेके दिन श्री विष्णु भगवान की आराधना, श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना सुख तथा सौभाग्य में वृद्धि करने वाला रहता है।
योग- परिधि रात्रि 9.50 तक उपरांत शिव योग रहेगा, दोनों ही नैसर्गिक योग शुभ तथा सुखद रहेंगे।
विशिष्ट योग- नंदा तिथि तथा मोक्षदा एकादशी के कारण आज व्यापार वाणिज्य तथा देवआराधना से जुड़े कार्य शुभ रहेंगे।
करण- सूर्योदय काल वणिज उपरांत विष्टि तदनंतर वव करण का प्रवेश होगा। करण गणना उत्तम मानी जाती है।
नक्षत्र- क्षिप्र लघुसंज्ञक तिर्यड़मुख नक्षत्र अश्विनी रात्रि 1.50 तक उपरांत भरिणी नक्षत्र रहेगा। अश्विनी नक्षत्र में विपणि व्यापार, पशुपालन, शिल्प विद्या तथा खनिज सम्पदा से जुड़े कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। अश्विनी गंडा़तमूलक नक्षत्र है, इस नक्षत्र में जन्मे जातकों की मूलशांति करवाने से जातक के जीवन में अनिष्ट ग्रहबाधा का निवारण होता है।

शुभ मुहूर्त - आज भद्रा पूर्व प्रसूति स्नान, रक्तप्रवालधारण, कर्जनिपटारा, शल्यचिकित्सा, शस्त्रघटन, औषधि सेवन, औषधि निर्माण जैसे कार्य शुभ तथा सुखद रहेंगे।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - आज प्रात: 9.00 से 10.30 चर दोपहर 10.30 से 1.30 लाभ अमृत तथा रात्रि 7.30 से 9.00 लाभ की चौघडिय़ा शुभ तथा मंगलकारी मानी जाती है।
व्रतोत्सव- आज मोक्षदा एकादशी व्रत, गीता जयंती, मीन एकादशी, गीता महोत्सव पर्व का व्रत व्रतोत्सव पर्व रहेगा।
चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यंत तक मंगल प्रधान राशि मेष राशि में संचरण करेगा।

ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के धनु राशि में गुरु वृश्चिक राशि में तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि पर स्थित है। सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र में संचरण रहेगा।
दिशाशूल: आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में रहता है। इस दिशा की व्यापारिक यात्रा को यथा सम्भव टालना हितकर है। चन्द्रमा का वास पूर्व दिशा में है, सन्मुख एवं दाहिना चन्द्रमा शुभ माना जाता है।
राहुकाल: दोपहर 3.00.00 से 4.30.00 बजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)
आज जन्म लेने वाले बच्चे - आज जन्मे बालकों का नामाक्षर चू, चे, चो, ल अक्षर से आरंभ कर सकते हैं। अश्विनी नक्षत्र में जन्मे बालको की राशि मेष होगी, रात्रि 1.50 के उपरांत जन्मे बालकों का जन्म नक्षत्र भरणी रहेगा। मेष राशि के जातक प्राय: चंचल, उग्रस्वभाव वाले, हठी, प्रभावशाली, स्वतंत्र विचार वाले, नवीन विचारों के पोषक तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले रहते हैं। सेना, अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उन्निति के योग बनते हैं।

Lalit kostha Desk
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