ऐसा क्या हुआ कि बंद कर दिए स्ट्रांगरूम के कैमरे

ऐसा क्या हुआ कि बंद कर दिए स्ट्रांगरूम के कैमरे
electric supply cut in strong room and cctv camera closed

Gyani Prasad | Publish: May, 01 2019 12:45:10 PM (IST) | Updated: May, 01 2019 12:46:39 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

लोकसभा चुनाव: बिजली सप्लाई से था खतरा, निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लागू की व्यवस्था

 

जबलपुर. लोकसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद एलएलबी स्कूल में बने स्ट्रांग रूम में ईवीएम और वीवीपेट को सुरक्षित रख दिया गया। इन मशीनों की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी हो रही थी लेकिन मंगलवार शाम को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इन्हें बंद कर दिया। इसकी वजह यह थी कि स्ट्रांगरूम में किसी भी प्रकार की विद्युत सप्लाई नहीं रहे ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या उत्पन्न हो। इस काम को जिला निर्वाचन कार्यालय ने उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन आयोग की प्रेक्षक की उपस्थिति में किया गया। स्ट्रांगरूम की सुरक्षा में शस्त्रधारी जवानों को तैनात भी किया गया है।

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छवि भारद्वाज के साथ स्ट्रॉन्गरूम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्टी प्रतिनिधियों ने व्यवस्थाओं पर सन्तोष जाहिर किया। इस मौके पर कलेक्टर ने पार्टी प्रतिनिधियों के सुझाव पर एमएलबी स्कूल परिसर के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर भी एक सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने आयोग के निर्देशों का जानकारी देते हुए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि स्ट्रांगरूम की निगरानी के लिए तैनात किए जाने वाले अपने कार्यकर्ताओं की सूची अतिशीघ्र निर्वाचन कार्यालय को भेज दें। कलेक्टर ने बताया कि तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के अलावा स्ट्रांगरूम की निगरानी के लिए प्रतिदिन एक एसडीएम और तहसीलदार भी एमएलबी स्कूल में तैनात रहेंगे। ये अधिकारी पार्टी और उम्मीदवार के प्रतिनिधि यदि चाहेंगे तो उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम परिसर के बाहरी परिधि का भ्रमण भी कराएंगे ।

मतपत्र अभिलेखों की स्कूटनी

औसत से बहुत अधिक या बहुत कम मतदान वाले मतदान केंद्रों के मतपत्र अभिलेखों की एमएलबी स्कूल में स्कूटनी की गई। इसमेंं ऐसे मतदान केन्द्रों के अभिलेखों की भी जांच की गई जहाँ ईवीएम एवं वीवीपेट मशीन मतदान के दौरान खराब हुई थीं। आयोग के निर्देशों के मुताबिक स्कू्रटनी के दायरे में उन मतदान केंद्रों को भी शामिल किया जाता है जहां 25 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं द्वारा फ ोटो मतदाता परिचय पत्र के स्थान पर पहचान के अन्य दस्तावेजों से मतदान किया गया हो, एएसडी सूची में शामिल दस फ ीसदी से अधिक वोटर्स द्वारा मतदान किया गया हो, पांच से अधिक टेंडर वोट डाले गए हो, दस से अधिक चैलेंज वोट डले हों तथा ऐसे मतदान केंद्र जहां से मतदान के दौरान शिकायतें प्राप्त हुई हों।

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