बिजली की डिमांड ने तोड़ा रेकॉर्ड, नवम्बर में सर्वाधिक मांग

बिजली की डिमांड ने तोड़ा रेकॉर्ड, नवम्बर में सर्वाधिक मांग

Reetesh Pyasi | Publish: Dec, 09 2018 06:20:00 AM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

छह वर्षों के मुकाबले इस साल बिजली की मांग करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ी

जबलपुर। वर्ष 2018 में बिजली की मांग के नए रेकॉर्ड बने। कई वर्षों के मुकाबले इस साल बिजली की मांग सर्वाधिक थी। बिजली कंपनियों ने भी बिजली की लगातार आपूर्ति की। बीते छह वर्षों में इस साल बिजली की मांग करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ी।

रहन-सहन में बदलाव प्रमुख कारण
जानकारों की मानें तो लोगों के रहन-सहन में बदलाव बिजली की बढ़ी मांग का प्रमुख कारण है। रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए भी भरपूर बिजली सप्लाई की गई, जिससे यह मांग बढ़ी। जून-जुलाई में कम थी मांग- प्रदेश में जून और जुलाई में बिजली की मांग का ग्राफ काफी नीचे आ गया था। कारण गर्मी का जाना और बारिश का आना। गर्मी कम होने और बारिश के शुरू होने के कारण लोगों के घरों के कूलर, फ्रिज और एसी धीरे-धीरे बंद हो गए। इस कारण इस वर्ष जून-जुलाई में बिजली की मांग पूरे प्रदेश में कम दर्ज की गई।

दीपावली के बाद बढ़ता गया आंकड़ा
गणेशोत्सव में बिजली की मांग बढ़ी, इसके बाद दुर्गोत्सव और दीपावली में भी मांग का आंकड़ा बढ़ा, लेकिन जैसे ही रबी सीजन के दौरान सिंचाई शुरू हुई, तो बिजली की मांग लगातार बढ़ी। नवम्बर में एक भी दिन ऐसा नहीं था, जिस दिन बिजली की मांग के ग्राफ में बढ़ोत्तरी न हुई हो। इस दौरान करीब दस घंटे सिंचाई के लिए बिजली मुहैया कराई गई।

जल विद्युत गृह भी किए शुरू
बिजली की मांग प्रदेश में इस कदर बढ़ गई कि नवम्बर माह में प्रदेश के कई जल विद्युत गृहों को एकाएक शुरू किया गया। इन विद्युत गृहों से मिलने वाली बिजली की सप्लाई भी सिंचाई के लिए की गई। जानकारी के अनुसार प्रदेश के दस जल विद्युत गृहों में से पांच विद्युत गृहों से नवम्बर माह में विद्युत उत्पादन किया गया।

27 नवंबर को किस कंपनी में कितनी मांग
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) 5500 मेगावॉट
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर) 5500 मेगावॉट
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर व रीवा) 3600 मेगावॉट

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