Vishwakarma Jayanti: इन्होंने बनाए शंकरजी के त्रिशूल और विष्णुजी का चक्र, जानिए इनका वास्तुशास्त्र

deepak deewan

Publish: Sep, 17 2017 09:03:34 (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
 Vishwakarma Jayanti: इन्होंने बनाए शंकरजी के त्रिशूल और विष्णुजी का चक्र, जानिए इनका वास्तुशास्त्र

अनूठे शिल्पी थे वास्तुशास्त्र के जनक भगवान विश्वकर्मा , कर्ण का कुंडल, शंकर का त्रिशूल भी इन्होंने बनाया था

जबलपुर. भगवान विश्वकर्मा एक अद्वितीय शिल्पी थे। इंजीनियरिंग में उनके ज्ञान और बुद्धि के आगे कोई और नहीं ठहरता था। उन्हेंं वास्तुशास्त्र का जनक भी मना जाता है। विश्वकर्माजी ने ही इन्द्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेरपुरी, पाण्डवपुरी, सुदामापुरी, शिवमण्डलपुरी आदि देवनगरियों की रचना की थी। इतना ही उन्होंने सभी देवों के भवनों का निर्माण भी अपने मार्गदर्शन में ही कराया। पर उनका असली कौशल आयुध निर्माण में रूप में प्रकट हुआ। शास्त्रों के अनुसार विष्णु का सुदर्शक चक्र, शंकर का त्रिशूल, यमराज का कालदण्ड आदि विश्वकर्माजी की ही देन है। इतना ही नहीं पुष्पक विमान, कर्ण का कुंडल भी भगवान विश्वकर्मा ने ही तैयार करवाया था।


इंडस्ट्रियल एरिया में गहमागहमी
विश्वकर्मा जयंती इस बार भी देश भर में 17 सितंबर को बडे धूमधाम से मनाई जा रही है। इस शुभ अवसर पर मशीनों, औजारों की सफाई एवं रंगरोगन किया गया है। विश्वकर्मा जयन्ती के कारण आज अधिकतर कल-कारखाने बंद हैं और लोग हर्षोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा की तैयारी कर रहे है। औद्योगिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, लोहे की दुकान, वाहन शोरूम, सर्विस सेंटर, कम्प्यूट सेन्टर, हार्डवेयर दुकाने आदि में विश्वकर्मा भगवान की विधिवत पूजा की जा रही है।


होगी पूजा निकालेंगे रैली
भगवान विश्वकर्मा जयंती पर आयुध निर्माणी खमरिया की कामगार यूनियन द्वारा सुबह 8 बजे से रैली िनकाली जाएगी। रैली टाइप-टू से शुरू होगी और फिर टाइप एच तथा टाइप एन होते हुए बाजार पहुंचेगी। इसके बाद रैली का समापन होगा। श्री विश्वकर्मा महासंगठन मप्र जबलपुर, विश्वकर्मा समाज की समस्त समितियों के तत्वावधान में भगवान विश्वकर्मा का पूजन एवं शोभायात्रा का आयोजन पारस पैलेस से किया गया है। पूजन कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। अपरान्ह 4 बजे विश्वकर्मा भगवान की झांकियों के साथ पारस पैलेस से शोभायात्रा निकाली जाएगी। विश्वकर्मा प्रगति संघ द्वारा सुबह 10 बजे से प्रधान कार्यालय न्यू कंचनपुर में हवन पूजन होगा, उसके बाद विश्वकर्मा भगवान की झांकी दोपहर 2 बजे अधारताल होते हुए पारस पैलेस पहुंंचेगी। श्री विश्वकर्मा समाज उत्थान समिति द्वारा श्री राधाकृष्ण एवं श्री विश्वकर्मा मंदिर निवाडग़ंज में सुबह 9.30 बजे से 12 बजे तक हवन पूजन तथा शाम 7.30 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा। बंग समाज द्वारा श्रीनाथ की तलैया में 17 सितंबर को सार्वजनिक विश्वकर्मा पूजन का आयोजन किया गया है। श्री बड़ी खेरमाई मंदिर में सुबह 10 बजे से हवन पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया है।

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