सेना की फैक्ट्री में विस्फोट, तीन कर्मचारी गंभीर, दहल गया क्षेत्र

सेना की फैक्ट्री में विस्फोट, तीन कर्मचारी गंभीर, दहल गया क्षेत्र

By: Lalit kostha

Published: 19 Jan 2019, 03:02 PM IST

जबलपुर। मप्र का एक ऐसा शहर जिसे कहा जाए कि वह बारूद पर बैठा है, तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। जी हां. हम बात कर रहे हैं प्रदेश ही नहीं बल्कि देश का ह्रदय स्थल है। जिसका नाम जबलपुर संस्कारधानी है। यहां आयुध निर्माणियों में इतना गोला बारूद जमा है कि जरा सी चिंगारी पूरा शहर साफ कर सकती है। नामो निशान देश के नक्शे से मिट जाएगा। यहां होने वाले छोटे मोटे धमाकों से पूरा क्षेत्र दहल जाता है। सोचिए यदि दुश्मन देश यहां हमला कर दे क्या होगा। खैर ये तो बातें दूर की हैं, फिलहाल हम बता रहे हैं यहां की मुख्य गोला बारूद वाली खमरिया फैक्ट्री की। यहां आए दिन बारूदी धमाके होते रहते हैं। जिससे यहां के कर्मचारियों की जिंदगी हर पल हर दिन मौत से दो चार होती रहती है। शुक्रवार को हुए ऐसे ही एक धमाके में पूरी फैक्ट्री के कर्मचारी दहल गए। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

news facts-

ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया में हादसा
84 एमएम के प्राइमर में विस्फोट फिलिंग सेक्शन दहला

आयुध निर्माणी खमरिया के फिलिंग सेक्शन में शुक्रवार को विस्फोट हो गया। इससे पूरा सेक्शन दहल गया। फिलिंग सेक्शन 2 में 84 एमएम स्मोक बम के डिले प्राइमर को प्रेस मशीन में प्रेस करने के दौरान हुए विस्फ ोट में तीन कर्मचारी घायल हो गए। घटना के बाद बिल्डिंग नंबर 158 में काला धुआं फैल गया।

कर्मचारी मुश्किल से निकलकर भागे। निर्माणी प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलिंग सेक्शन 2 की बिल्डिंग नंबर 158 में 84 एमएम स्मोक बम के डिले प्राइमर बनाए जाते हैं। इसमें एमटी नाम की युक्तिमें बारूद भरा होता है, इसे प्रेस मशीन से प्रेस किया जाता है। सुबह करीब 10.45 बजे जब कर्मचारी इसे प्रेस कर रहे थे, तो उसमें विस्फ ोट हो गया। वहां लगभग 20 एमटी रखी थीं, वे भी इसकी चपेट में आ गई। अन्य एमपी में बारूद नहीं था, वरना गम्भीर हादसा हो सकता था।

निजी क्षेत्र से मंगवाया जा रहा है माल
घटना के सम्बंध में सुरक्षा कर्मचारी यूनियन इंटक के अरुण दुबे, केवीएस चौहान, अनूप सीरिया, आनंद शर्मा, अखिलेश पटेल और अजय चौहान का कहना है कि खमरिया फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में निजी फ र्मों से माल आ रहा है। इसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। इस कारण हादसे हो रहे हैं।

Lalit kostha Desk
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