scriptFaith in Baglamukhi Math increased five times in 22 years | 22 साल में बगलामुखी मठ के प्रति आस्था हुई पांच गुनी | Patrika News

22 साल में बगलामुखी मठ के प्रति आस्था हुई पांच गुनी

जबलपुर शहर के नवीनतम शक्तिपीठ ने बहुत कम समय में बनाई श्रद्धालुओं के दिल में जगह

जबलपुर

Published: April 02, 2022 08:15:48 pm

जबलपुर। संस्कारधानी में प्राचीन व ऐतिहासिक देवी मंदिरों, शक्तिपीठों के प्रति लोगों में अगाध आस्था है। वहीं नगर के सिविक सेंटर स्थित शक्तिपीठ बगलामुखी मठ ने केवल 22 वर्ष में ही श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था का प्रमुख मुकाम हासिल कर लिया है। मंदिर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2000 में इस शक्तिपीठ में नवरात्रि पर भक्तों ने 201 ज्योतिकलश प्रज्ज्वलित कराए थे। 22 वर्ष में यह संख्या पांच गुना बढ़कर इस वर्ष 1100 ज्योति कलश तक पहुंच गई है।

maa-baglamukhi
maa-baglamukhi

होती थी माता की पूजा

मंदिर से जुड़े मनोज सेन ने बताया कि वर्तमान बगलामुखी मठ जिस स्थान पर स्थित है, वहां पहले दंडी स्वामी क्रोधानन्द माता बगलामुखी की पूजा करते थे। वर्ष 2000 में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इस मंदिर का निर्माण करवाकर माता की प्रतिमा प्रतिष्ठा कराई। पहले यह मंदिर छोटा था। सामने की बाउंड्री से लगी दुकानें हटने के बाद इसे भव्य रूप दिया गया। परिसर में संस्कृत विद्यालय भी संचालित है।

9 ग्रह, दस विद्या व महिषासुर भी

मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मचारी चैतन्यानन्द ने बताया कि परिसर में माता बगलामुखी के साथ नौ ग्रह, दस महाविद्या सहित कई अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान हैं। यह शहर का इकलौता शक्तिपीठ है जहां राक्षस महिसासुर का वध करते हुए माता की प्रतिमा भी है। साल भर यहां अखंड ज्योति कलश जलता है। पूरे वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। दोनों नवरात्रि पर भी मंदिर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। इस दौरान माता का विशेष पूजन किया जाता है, विशेष भोग लगते हैं। सप्तमी की कालरात्रि पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।

महिसासुर को मारने बगलामुखी की उत्पत्ति

ब्रह्मचारी चैतन्यानन्द ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार महिसासुर दानव के अत्याचार से त्रस्त होकर देवी देवताओं ने माता राजराजेश्वरी की आराधना की। तब उन्होंने देवी बगलामुखी की उत्पत्ति की, जो दानव का संहार कर महिषासुर मर्दिनी कहलाईं। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के दौरान मंदिर और देवी बगलामुखी के प्रति भक्तों की आस्था और बलवती हुई है। दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

पाकिस्तान ने भेजी है विषकन्या: राजस्थान इंटेलिजेंस ने सेना को तस्वीरें भेज कर किया अलर्टकुतुब मीनार एक स्मारक, किसी भी धर्म को पूजा-पाठ की इजाजत नहीं', साकेत कोर्ट में ASI का हलफनामाPooja Singhal Case: झारखंड की 6 और बिहार के मुजफ्फरपुर में ED की एक साथ छापेमारी, अहम सुराग मिलने की उम्मीदकर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया का विवादित बयान, 'मैं हिंदू हूं, चाहूं तो बीफ खा सकता हूं..'सबसे आगे मोदी, पीछे से बाइडेन सहित अन्य नेता, QUAD Summit से आई PM मोदी की ये तस्वीर वायरलआर्थिक तंगी और तेल की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने ढूंढा अजीब तरीका, कर्मचारियों को ज्यादा छुट्टियां देने की तैयारी!QUAD Summit: अमरीकी राष्ट्रपति ने उठाया रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्धा, मोदी बोले- कम समय में प्रभावी हुआ क्वाड, लोकतांत्रिक शक्तियों को मिल रही ऊर्जाWhat is IPEF : चीन केंद्रित सप्लाई चैन का विकल्प बनेंगे भारत, अमरीका समेत 13 देश
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.