शोहदों को पकड़कर मां-पिता को बताएंगे- 'देखो तुम्हारा लड़का छेड़छाड़ करके दिखाता है बहादुरी

जबलपुर में बदमाशों को पकड़कर परिजन को जारी होगा 'रेड कार्ड

Family will be issued 'Red Card'

 

By: shyam bihari

Published: 08 Dec 2019, 08:45 PM IST

जबलपुर। बलात्कार, छेड़छाड़, कमेंट पास करने की वारदातों के बीच जबलपुर पुलिस ने एक नई पहल की है। पुलिस की कोड रेड विंग अब खासकर छेड़छाड़ करने वाले शोहदों को पकड़ेगी, तो उनपर किसी तरह की कार्रवाई करने के पहले परिजन को बुलाया जाएगा। उनसे बताया जाएगा कि देखो आपका शोहदा बेटा बहादुरी दिखाते हुए राह चलते लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहा था। असल में जबलपुर के गोहलपुर में छात्रा की चाकू मारकर की गई नृशंस हत्या सहित शहर में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर उठ रही चारों तरफ से आवाज के बीच एसपी ने बड़ा कदम उठाया है। अब कोड रेड को मनचलों के खिलाफ कार्रवाई करने के दौरान उनके अभिभावकों को भी बुलाना होगा। मौके पर अभिभावकों को रेडकार्ड जारी किया जाएगा। इसमें इस बात की ताकीद होगी कि आपका बेटा छेड़छाड़ करता है। आगे इस तरह की वारदात में पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ गम्भीर कार्रवाई होगी। उनकी जवाबदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। एसपी ने छेड़छाड़ और बलात्कार के दर्ज प्रकरणों की नए सिरे से विवेचना के निर्देश दिए हैं। खासकर इस वर्ष दर्ज पुराने प्रकरणों में विवेचना होगी। इससे यह जानकारी प्राप्त की जा सके कि किसी वारदात में मौजूदा समय में तो नहीं धमकी आदि दी जा रही है। अक्सर देखा गया है कि छेड़छाड़ या बलात्कार के दर्ज प्रकरणों में आरोपियों की ओर से समझौता कराने का दबाव बनाया जाता है। पीडि़त महिला, छात्र, युवती या किशोरी को भी धमकाया जाता है। बार-बार छेड़छाड़ व धमकी से परेशान होकर कई मामलों में आत्महत्या किए जाने का प्रकरण भी सामने आ चुका है। अब पुलिस सभी दर्ज मामलों में पीडि़त महिला और उसके परिजन से सम्पर्क साध कर मौजूदा स्थिति की जानकारी लेगी। किसी प्रकरण में एक आरोपी ने एक से अधिक बार छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दिया तो उसके खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई होगी। इसके लिए जिला दंडाधिकारी के पास प्रकरण पेश किया जाएगा।

जबलपुर शहर में कोड रेड की चार टीमों का गठन पहले से किया गया है। कोड रेड प्रभारी अरुणा वाहने ने बताया कि पूरे शहर को चार क्षेत्रों में बांटकर एक-एक टीम की जवाबदारी सौंपी गई है। इसमें कोड रेड को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, कार्यस्थल, बाजार आदि में जाकर उन्हें जागरुक करना भी शामिल है। जानकारों का कहना है कि जबलपुर शहर में अपराधियों के मन से पुलिस का डर निकल गया है। अपराधी को यह लगने लगा है कि पुलिस उस पर या तो कार्रवाई करेगी नहीं, यदि कार्रवाई हुई, भी तो ऊपर से फोन कराके छूट जाएगा।

shyam bihari Desk
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