महाकौशल का प्रसिद्ध फलाहारी पुलाव, जन्माष्टमी व्रत पर जरूर लें इसका स्वाद

महाकौशल का प्रसिद्ध फलाहारी पुलाव, जन्माष्टमी व्रत पर जरूर लें इसका स्वाद

deepak deewan | Publish: Sep, 03 2018 02:37:50 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

फलाहारी पुलाव

जबलपुर। महाकौशल क्षेत्र में साबूदाने का पुलाव बेहद प्रसिद्ध है। व्रत-उपवास-त्यौहारों में साबूदाना का उपयोग तो सबसे ज्यादा होता है पर यह पुलाव साबूदाने की सबसे अच्छी डिश है। जन्माष्टमी के मौके पर आप यह फलाहारी व्यंजन बनाएं। साबूदाने का पुलाव टेस्टी तो होगा ही, साथ ही पौष्टिक भी होता है। शहर की गृहणी सीमा भार्गव इस पुलाव की रिसेपी शेयर कर रही हैं।


सामग्री- साबूदाना तीन चौथाई प्याला, आलू 2 छोटे/ 1 मध्यम आकार का, हरी मिर्च 3-4, मूंगफली चौथाई प्याला, सेंधा नमक एक छोटा चम्मच या स्वाद के अनुसार, घी/ तेल डेढ़ बड़ा चम्मच, कटा हरा धनिया एक बड़ा चम्मच, नींबू का रस एक बड़ा चम्मच, पानी सवा प्याला।


विधि-सबसे पहले साबूदाने को बीनकर धो लें। अब इसे लगभग सवा प्याला पानी में 2-3 घंटे के लिए भिगो दें। दो-तीन घंटे के बाद साबूदाना पानी सोख कर मुलायम हो जाएगा। अगर साबूदाना कड़ा लगता है तो थोड़ा और पानी डालकर कुछ और देर के लिए इसे भिगो दें। हरी मिर्च का डंठल हटा कर और उसे अच्छे से धोकर महीन काट लें। आलू को छीलकर धो लें और इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। एक नॉन-स्टिक कड़ाही में घी / तेल गरम करें। फिर इसमें मूंगफली डालें और भूनें। मूंगफली को पूरी तरह से भूनने में 3-4 मिनट का समय लगता है। मूंगफली भुन जाने पर सोंधी-सी महक आती है। कटी हरी मिर्च डालें और भूनें। अब कटे आलू डालें। आलू को भी एक मिनट के लिए भूनें। अब इसमें नमक डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं। फिर आंच को धीमा करके ढक्कन लगाकर आलू को गलाएं। इसमें लगभग पांच मिनट का समय लगता है। फिर भीगा साबूदाना डालें और इसे अच्छे से मिलाएं। साबूदाने को दो मिनट तक भून लें। ढक्कन लगा कर साबूदाने को गलने दें। इस प्रक्रिया में 2-4 मिनट का समय लगता है। साबूदाना गलने के बाद पारदर्शी-सा दिखता है। अगर साबूदाना नहीं गला है तो कुछ और देर ढककर पकाएं। फिर आंच को बंद कर दें। लीजिए तैयार है साबूदाने का पुलाव। यह पुलाव चार लोगों के लिए पर्याप्त है।

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