जबलपुर की साडिय़ों की बढ़ी डिमांड, बाजार में लौटी रौनक

कोरोना काल में सुस्त रहा साड़ी बाजार धीरे-धीरे फिर से वापस पटरी पर आया

By: Lalit kostha

Published: 15 Sep 2021, 12:00 PM IST

जबलपुर। कोराना काल में सुस्त रहा साड़ी बाजार धीरे-धीरे फिर से वापस पटरी पर आ रहा है। व्यापारी आशान्वित हैं कि स्थित बेहतर होने के साथ ही साड़ी का बाजार भी फिर से गति पकडऩे लगा है। पिछले पांच सालों के दौरान साड़ी के कारोबार में वृद्धि हुई है। थोक व्यापारियों के साथ ही रिटेलरों की संख्या भी बढ़ी है। करीब 10 से 12 करोड़ का कारोबार बताया जाता है। जबलपुर में थोक व्यापार में भी वृद्धि हुई है। जबलपुर से सिवनी, मंडला, छपारा, लखनादौन, डिंडौरी, नरिसंहपुर, कटनी आदि जिलों से व्यापारी आने लगे हैं।

125 थोक व्यापारी - शहर में साड़ी के 125 थोक व्यापारी हैं जो कि सीधे सूरत, अहमदाबाद, कर्नाटक, बैंगलूरु, बनारस आदि शहरों से माल मंगवा रहे हैं। जबकि छोटे व्यापारियों की संख्या करीब 1000 से अधिक बताई जाती है। औसतन हर माह करोड़ों का साड़ी व्यापार होता है। इसे देखते हुए शहर में एक व्यवस्थित थोक और फुटकर बाजार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। अधिकांश साड़ी का कारोबार फुहारा, लार्डगंज क्षेत्र में है। लेकिन अव्यवस्थित पाॢकंग, सीमित जगह, सडक़ पर बाजार लगने के कारण भी व्यापारी परेशान रहते हैं।

कोरोना काल से बाजार थोड़ा संभला है। लेकिन अभी उठाव नहीं है। जिस तरह ट्रेडिंग को एमएसएमई के अंतर्गत लाया गया है उसी तरह होलसेल कपड़ा बाजार को भी जगह दी जानी चाहिए।
- नितिन जैन, उपाध्यक्ष मप्र कपड़ा व्यापारी संघ

साड़ी का कारोबार कुछ सालों से बढ़ा है। कोरोना काल में गतिविधियां बंद रहने से व्यापार प्रभावित हुआ था।
- अंशुल बजाज, साड़ी व्यवसाई

सिल्क साड़ी और लहंगे की मांग बढ़ी है। महिलाओं द्वारा वर्क, डिजाइनर साड़ी भी पसंद की जा रही है। बाजार में धीरे धीरे तेजी आ रही है।
- संजय जैन, साड़ी व्यवसाई

Lalit kostha Desk
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