किसानी की उन्नत तकनीक देख हैरान रह गए किसान

कृषि विवि में किसान मेले का आयोजन किसान कृषि की उन्नत तकनीक अपनाकर दोगुनी करें आय जनेकृविवि में किसान मेला का अयोजन, किसानों को दी गई जानकारियां

जबलपुर।
कृषि विश्वविद्यालय में किसानी की उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने कटाई उपरान्त बची हुई पराली हेतु बेलर मशीन का प्रयोग तो वहीं जीरो ट्रिलेज तकनीकी यंत्र पर ज्यादा रुचि दिखाई। दरअसल विश्वविद्यालय में किसान मेले और संगोष्ठी के दौरान कृषि यंत्रों को भी प्रदर्शित किया गया था। इस दौरान अनाज के विभिन्न किस्मों की कृषि विज्ञान केन्द्र की मूल्य संवर्धित खाद्य पदार्थ सामग्री, सौलर उर्जा के प्रयोग आदि की भी प्रदर्शनी लगाई गई थी। मौके पर ही विशेषज्ञों द्वारा किसानों को इससे जुड़ी जानकारी दी जा रही थी।
मेले का उदघाटन कुलपति डॉं. प्रदीप बिसेन ने किया। उन्होने आव्हान किया कि किसान कृषि वैज्ञानिकों और कृषि इंजीनियर्स द्वारा विकसित उन्नत कृषि तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनायें और अन्य किसानों को प्रेरित करें ताकि कृषि से दुगनी आय प्राप्त हो सके। डॉं. बिसेन ने कृषि के साथ पशुपालन कुक्कट पालन, मछली पालन, मशरूम और लाख की खेती के साथ ही टिकाऊ खेती करने और नगद फसल उगाने की भी सलाह दी। मेले में कटाई उपरान्त बची हुई पराली हेतु बेलर मशीन आकर्षण का केन्द्र रही। इसके अलावा मशरूम बीज उत्पादन इकाई की मशरूम तकनीक प्रोडक्ट, कृषि विज्ञान केन्द्र की मूल्य संवर्धित खाद्य पदार्थ सामग्री, अनाज की विभिन्न किस्में आदि की प्रदर्शनी लगाई गई।

आर्थिक उन्नति कर सकते हैं किसान

दितीय चरण में आयोजित संगोष्ठी में मेला संयोजक डॉ.अतुल कुमार श्रीवास्तव, डॉ.अविनाश गौतम, डॉ. अमित झा ने किसानों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि परम्परागत कृषि से बहुत भिन्न हो गई है। कृषि आदानों का समुन्वित उपयोग हेतु यंत्रीकरण का उपयोग कर आर्थिक उन्नति कर सकते हैं।

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Mayank Kumar Sahu Reporting
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