7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीएम बोल रहे गुंडे-बदमाशों को क्रश कर दो, जबलपुर पुलिस निभा रही यारी

-सिविल लाइंस में युवक का मोबाइल छीनने वाले और केंट में महिला का पर्स छीनने की वारदात में दर्ज कर लिया बलपूर्वक चोरी का मामला
2 min read
Google source verification
robbery case

robbery case

जबलपुर। प्रदेश के मुखिया गुंडे-बदमाशों को क्रश कर देने का निर्देश दे रहे हैं। वहीं उनकी जबलपुर पुलिस अलग ही भर्राशाही दिखा रही है। गुंडे-बदमाशों से यहां यारी निभाई जा रही है। लूट जैसे प्रकरणों में आरोपियों के खिलाफ बलपूर्वक चोरी की धारा लगाकर लीपापोती की जा रही है। ये कारनामा कर दिखाया है सिविल लाइंस और केंट पुलिस ने। इससे पहले गोराबाजार पुलिस ने भी लूट के मामले में 382 भादवि में कायमी की थी।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बीते दिनों पुल नम्बर एक के पास ऑटो चालक का मोबाइल छीनने वाले लुटेरे गिरफ्तार हुए, तब जाकर पुलिस ने शनिवार को लूट का प्रकरण कायम किया। सिविल लाइंस पुलिस ने सायबर सेल की मदद से शनिवार को साहू मोहल्ला निवासी रोशन जुगेल और उसकी मोहल्ले के 17 वर्षिय को गिरफ्तार किया। दोनों ने सात जुलाई की रात 10.30 बजे साहू मोहल्ला निवासी दीपक राजपूत का मोबाइल छीन लिया था। दीपक ने इसकी एफआईआर शनिवार दोपहर एक बजे थाने पहुंच कर दर्ज कराई। दीपक ने बताया कि वह साथी अमन उर्फ डमरू सोधिया के साथ सेठ की आटो छोडऩे डिलाईट तक गया था। गोदाम में काम निपटाने के रात 10.30 बजे पैदल घर निकला था। तभी पुल नम्बर एक के पास बाइक सवार दोनों आरोपियों ने मोबाइल छीन कर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में भी लूट की बजाय धारा बल पूर्वक चोरी की धारा 356, 379 भादवि का अपराध दर्ज किया।
केंट में महिला से हुई पर्स लूट का भी खुलासा-
गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों से केंट में 29 जून की शाम छह बजे गोलछा बारात घर के पास रेवा रेसीडेंसी आईआईटी डुमना रोड निवासी नीलम दयाल का पर्स छीन कर फरार हुए थे। पर्स में आधार कार्ड, पेन कार्ड, दो डेबिट कार्ड और 4500 रूपये थे। केंट पुलिस ने भी लूट की बजाय बलपूर्वक चोरी का मामला दर्ज किया था। दोनों लुटेरों की निशानदेही पर मोबाइल और एक हजार रुपए सहित आधार कार्ड व पेनकार्ड जब्त किए गए।
तो अपराधी को बचाने का षड्यंत्र-
-धारा 356, 379-बल पूर्वक किसी की सम्पत्ति चुराना है।
-इसमें आरोपी को अधिकतम दो वर्ष व अर्थदंड की सजा हो सकती है।
-जबकि लूट में प्रयुक्त धारा 392 में आरोपी को अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है।