जुल्म-ज्यादती से परेशान हो भागी थी 10 वर्षीय बालिका

जुल्म-ज्यादती से परेशान हो भागी थी 10 वर्षीय बालिका
दर्ज होगा बालश्रम का मामला

Santosh Kumar Singh | Publish: Jul, 20 2019 11:42:00 AM (IST) | Updated: Jul, 20 2019 12:21:22 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

एनजीओ संचालक बलपूर्वक कराता था घर के काम, दर्ज होगा बालश्रम का मामला, ओडिशा की रहने वाली है बालिका, पुलिस ने परिजन को दी सूचना

जबलपुर. राइट टाउन, मदन महल निवासी एनजीओ संचालक के घर से गुरुवार को गायब हुई 10 वर्षीय बालिका को पुलिस ने दस्तयाब कर लिया है। बालिका ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई, उससे अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं। बालिका ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से उसकी जिंदगी नरक बन गई थी। वह आज तक स्कूल नहीं गई। उसने जब से होश सम्भाला, घर के बर्तन, झाड़ू, कपड़े धोने और खाना बनाने में पूरा दिन निकल जाता था। छोटी सी गलती होने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता था। छह महीने से घरवालों से बात भी नहीं करने दिया गया। पुलिस ने बालिका को वन स्टॉप सेंटर भेजकर उसके परिजन को सूचना दे दी है। पुलिस ने एनजीओ संचालक के खिलाफ बालश्रम का प्रकरण दर्ज करने की बात कही है।
ओडिशा से पालन-पोषण के लिए लाया था
एसपी अमित सिंह ने बताया कि एफ-3 शक्ति विहार अपार्टमेंट राइट टाउन निवासी चौधरी शिवव्रत मोहंती ने गुरुवार को शिकायत दर्ज कराई कि वह जेठ सास की 10 वर्षीय बेटी को ओडिशा से पालन-पोषण के लिए लाया था। सुबह आठ बजे वह फूल तोडऩे गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।
पूरे क्षेत्र में की तलाश
पुलिस ने बालिका के अपहरण का केस दर्ज कर किसी अनहोनी की आशंका में पूरे क्षेत्र में तलाश की। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले, लेकिन उसका पता नहीं चला। देर रात करीब 12 बजे एमएलबी स्कूल के पास रहने वाले अनुराग सोंधिया बालिका को लेकर थाने पहुंचे।
छह महीने पहले अमरकंटक से लाया था
बालिका के माता-पिता की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। बालिका की मौसी शिवानी ने उसे शिवव्रत मोहंती के अमरकंटक निवासी रिश्तेदार के घर पर यह कहकर छोड़ा था कि वहां उसकी पढ़ाई और लालन-पालन हो जाएगा। बालिका से एक साल तक अमरकंटक में घर के सारे काम कराए गए। छह महीने पहले शिवव्रत मोहंती उसे अपने घर ले आया।
हॉस्टल का संचालन कर चुका है मोहंती
मोहंती पहले आदिवासी हॉस्टल का संचालन कर चुका है। वह एनजीओ भी चलाता है। वह बालिका से घर के सभी काम कराता था। रोज-रोज की मारपीट और घर के काम से परेशान होकर गुरुवार रात वह फूल तोडऩे के बहाने घर से भाग गई। रात में अनुराग सोंधिया की बेटी ने उसे एक मंदिर के पास रोते हुए देखा तो अपने घर ले गई। इसके बाद उसके पिता बालिका को थाने ले गए। वहां बालिका ने अपने साथ हुई आपबीती पुलिस को बताई।
दुभाषिए से बालिका की आपबीती अधिकारियों ने सुनी
बालिका के दस्तायाब होने की खबर मिलते ही मौके पर एसपी व एसपी पहुंचे। ओडिय़ा भाषी को बालिका की बात समझने के लिए बुलाया गया। इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में बालिका से बात की गई। बालिका ने कहा कि अब उसे यहां नहीं रहना। मम्मी-पापा के पास जाना है। मोहंती अंकल बुरे हैं। हमेशा मारते-पीटते रहते हैं।

 

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